अमेरिकी महिलाएं अब कैसे कराएंगी गर्भपात पर लगी रोक

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अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने रो बनाम वेड मामले में दिए गए फैसले को पलटते हुए संवैधानिक संरक्षण को समाप्त कर दिया है। शुक्रवार को हुए इस घटनाक्रम से लगभग आधे राज्यों में,अमेरिकी गर्भपात पर प्रतिबंध लगने की उम्मीद है। यह निर्णय कुछ साल पहले तक अकल्पनीय था। उच्चतम न्यायालय का फैसला गर्भपात विरोधियों के दशकों के प्रयासों को सफल बनाने वाला है।

अमेरिकी गर्भपात विरोधी कानून राष्ट्रीय नहीं है। कुछ डेमोक्रेटिक-नेतृत्व वाले राज्यों जैसे कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क ने प्रजनन अधिकारों का विस्तार किया है। ऐसे में प्रतिबंध वाले राज्यों में गर्भवती महिलाओं को गर्भपात की सुविधा के लिए सैकड़ों मील की यात्रा करनी पड़ेगी या फिर दवा व अन्य तरीकों का उपयोग करके घर पर ही गर्भपात करना होगा।

अमेरिकी  राष्ट्रपति ने कोर्ट के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने अमेरिकी गर्भपात के लिए संवैधानिक संरक्षण के पैरोकारों से शांतिपूर्ण तरीकों से ही विरोध करने की अपील की। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को सही बताया और कहा कि इसे पहले ही आ जाना चाहिए था।

गौरतलब है कि गर्भपात विरोधी कानून राष्ट्रीय नहीं है। कुछ डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले राज्यों जैसे कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क ने प्रजनन अधिकारों का विस्तार किया है। ऐसे में प्रतिबंधित राज्यों में गर्भवती महिलाओं को अमेरिकी गर्भपात की सुविधा प्राप्त करने के लिए सैकड़ों मील का सफर तय करना होगा या दवा और अन्य तरीकों से घर पर गर्भपात कराना होगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा

बाइडन ने कहा कि वह उन राज्यों में गर्भपात संबंधी नियमों के मद्देनजर महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमतानुसार हरसंभव प्रयास करेंगे, जहां इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। बाइडन ने कहा कि राजनेताओं को उन फैसलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी जोकि एक महिला और उसके चिकित्सक के बीच होगा। राष्ट्रपति ने अदालती फैसले को गलत करार दिया है। उन्होंने गर्भपात के लिए संवैधानिक सुरक्षा की वकालत करने वालों से अपील की कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करें।

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गर्भपात संबंधी नियमों के मद्देनजर महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमतानुसार हरसंभव प्रयास करेंगे, जहां इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। बाइडन ने कहा कि राजनेताओं को उन फैसलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी जोकि एक महिला और उसके चिकित्सक के बीच होगा। राष्ट्रपति ने अदालती फैसले को गलत करार दिया है।

गर्भपात

कानून राष्ट्रीय नहीं है। कुछ डेमोक्रेटिक-नेतृत्व वाले राज्यों जैसे कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क ने प्रजनन अधिकारों का विस्तार किया है। ऐसे में प्रतिबंध वाले राज्यों में गर्भवती महिलाओं को गर्भपात की सुविधा के लिए सैकड़ों मील की यात्रा करनी पड़ेगी या फिर दवा व अन्य तरीकों का उपयोग करके घर पर ही गर्भपात करना होगा।

बाइडन ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद स्वशासित द्वीप (ताइवान) की रक्षा करने का दबाव और भी बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग करने का चीन का कदम न केवल अनुचित होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और यूक्रेन में रूस द्वारा की गई कार्रवाई के समान होगा. ‘एक चीन’ नीति के तहत अमेरिका बीजिंग को चीन सरकार के रूप में मान्यता देता है और उसके ताइवान के साथ कूटनीतिक संबंध नहीं हैं. बहरहाल, उसका ताइवान से अनौपचारिक संपर्क है. द्वीप की रक्षा के लिए सैन्य उपकरणों की आपूर्ति भी करता है

अमेरिकी महिलाएं अब कैसे कराएंगी गर्भपात

रिसर्च से पता चलता है कि वैध हो या नहीं, लोग गर्भपात कराते हैं। जिन देशों में अमेरिकी गर्भपात की पहुंच सीमित या गैरकानूनी है, वहां महिलाओं को संक्रमण, अत्यधिक रक्तस्राव और गर्भाशय वेध जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों को गर्भावस्था को पूर्ण अवधि तक ले जाना चाहिए, उनमें गर्भावस्था से संबंधित मौतों की संभावना अधिक होती है।

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