अयोध्या में राम मंदिर के लिए 115 देशों के जल को लाया गया है

अयोध्या में  115 देशों के जल को लाया गया है

राम मंदिर

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य को संपन्न करने के लिए 115 देशों के जल को लाया गया है। यह जल देश में आने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा भारतीय संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को याद करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने संपूर्ण धरा को अपना घर माना था और ऐसा करके हमने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का परिचय दिया है।राम मंदिर के निर्माण और जलाभिषेक के लिए दुनिया के सभी देशों से जल आना चाहिए। राजनाथ सिंह ने इस कदम को एक अभिनव सोच करार दिया।

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उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है

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उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारतीयों ने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह भारतीयों के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण है। भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं करता है। 152 देशों का पवित्र जल भारतवंशियों ने अयोध्या राम मंदिर जलाभिषेक हेतु भारत भेजाः डॉ. जौली नई दिल्ली, 12 जनवरी 2023ः 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन, इंदौर, मध्य प्रदेश में समापन पश्चात।

भारतवंशियों ने अयोध्या राम मंदिर जलाभिाषेक हेतु भारत भेजा है

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वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विजय जौली ने बताया कि वर्तमान समय में 152 देशों का पवित्र जल, भारतवंशियों ने अयोध्या राम मंदिर जलाभिाषेक हेतु भारत भेजा है। इससे पूर्व भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2022 में भारतवंशियों द्वारा देश में 100 अरब अमेरिकी डॉलर भेजे गये। डॉ. जौली ने इसे अप्रवासी भारतीयों का मातृभूमि भारत के प्रति अटूट प्रेम, स्नेह व गहरा लगाव बताया। डॉ. जौली ने बताया कि पूजा-अर्चना कर 7 महाद्वीपों के 152 देशों के पवित्र जल को तांबे के लोटों में भरकर, प्रत्येक देश के नाम व झंडे के स्टीकर तथा भगवा रिब्बन लगा, सजाया गया है।

भारतवंशियों को उनके भारत के लिए अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया

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डॉ. जौली ने कहा कि निकट भविष्य में अयोध्या राम मंदिर जलाभिषेक हेतु अयोध्या नगरी, उत्तर प्रदेश में भव्य कार्यक्रम सादगी से संपन्न किया जायेेगा। ज्ञात रहे भारत में आयोजित तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व समापन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा चुनिंदा भारतवंशियों को उनके भारत के लिए अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गुयाना राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली तथा विशिष्ट अतिथि सूरीनाम राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी रहे।

प्रत्येक देश के नाम व झंडे के स्टीकर तथा भगवा रिब्बन लगा, सजाया गया है

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17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन, इंदौर, मध्य प्रदेश में समापन पश्चात, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विजय जौली ने बताया कि वर्तमान समय में 152 देशों का पवित्र जल, भारतवंशियों ने अयोध्या राम मंदिर जलाभिाषेक हेतु भारत भेजा है। इससे पूर्व भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2022 में भारतवंशियों द्वारा देश में 100 अरब अमेरिकी डॉलर भेजे गये। डॉ. जौली ने इसे अप्रवासी भारतीयों का मातृभूमि भारत के प्रति अटूट प्रेम, स्नेह व गहरा लगाव बताया। डॉ. जौली ने बताया कि पूजा-अर्चना कर 7 महाद्वीपों के 152 देशों के पवित्र जल को तांबे के लोटों में भरकर, प्रत्येक देश के नाम व झंडे के स्टीकर तथा भगवा रिब्बन लगा, सजाया गया है।

राम मंदिर जलाभिषेक हेतु अयोध्या में भव्य कार्यक्रम सादगी से संपन्न किया जायेेगा

डॉ. जौली ने कहा कि निकट भविष्य में अयोध्या राम मंदिर जलाभिषेक हेतु अयोध्या नगरी, उत्तर प्रदेश में भव्य कार्यक्रम सादगी से संपन्न किया जायेेगा।  ज्ञात रहे भारत में आयोजित तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व समापन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा चुनिंदा भारतवंशियों को उनके भारत के लिए अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गुयाना राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली तथा विशिष्ट अतिथि सूरीनाम राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी रहे।

महाद्वीपों के 115 देशों से जल लाने का विचार अपने आप में अनोखा है

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सात महाद्वीपों के 115 देशों से जल लाने का विचार अपने आप में अनोखा है और यह वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को झलकाता है। सिंह ने अकबर रोड स्थित अपने आवास पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और डेनमार्क, फिजी व नाइजीरिया समेत कई देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों की मौजूदगी में 115 देशों की नदियों, झरनों और सागरों का जल प्राप्त किया। भाजपा नेता और दिल्ली के पूर्व भाजपा विधायक विजय जॉली की अगुवाई में एनजीओ दिल्ली स्टडी सर्किल ने जल एकत्रित किया।

जॉली के प्रयासों की सराहना करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘दुनिया के सभी देशों से जल लाने से भारत की वसुधैव कुटुंबकम की सोच झलकती है। 115 देशों से जल लाना एक उत्तम कार्य है। मुझे आशा है कि मंदिर निर्माण पूरा होने से पहले बाकी 77 देशों से भी जल लाया जाएगा। हम इस जल से अपने राम लला का ‘जलाभिषेक’ करेंगे।’’

संवाददाता – सुनील परिहार

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