आयातित कोयला बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाएं : केंद्र

नई दिल्ली, 06 मई (बिजली की मांग में 20 फीसदी की वृद्धि को देखते हुए बिजली मंत्रालय ने
गुरुवार को सभी आयातित कोयला बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने का आदेश दिया।

आपात स्थिति को
देखते हुए राज्यों और घरेलू कोयले पर आधारित सभी उत्पादन कंपनियों को सम्मिश्रण के लिए कोयले की
आवश्यकता का कम से कम 10 फीसदी आयात करने का निर्देश दिया।

मंत्रालय के आधिकारिक आदेश के मुताबिक, घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ी है। लेकिन यह बिजली की बढ़ी मांग को
पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में लोड शेडिंग हो रही है।

कोयले की मांग और आपूर्ति में
अंतर के कारण संयंत्रों में स्टॉक चिंताजनक दर से घट रहा है।

कोयले की अंतरराष्ट्रीय कीमत भी अभूतपूर्व ढंग से
बढ़ी है। यह वर्तमान में लगभग 140 अमेरिकी डॉलर प्रति टन है।

इसके चलते कोयले का आयात जो 2015-16 में
37 मिलियन टन था, कम हो गया है। इससे घरेलू कोयले पर अधिक दबाव पड़ा है।

आयातित कोयला आधारित
उत्पादन क्षमता लगभग 17,600 मेगावाट है।

आदेश में कहा गया है कि सभी आयातित कोयला आधारित बिजली
संयंत्र अपनी पूरी क्षमता से बिजली का संचालन और उत्पादन करेंगे।

आयातित कोयला आधारित उत्पादन क्षमता
के 17,600 मेगावाट में से 10,000 मेगावाट का संचालन शुरू हो गया है।

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