कच्चे माल के महंगा होने पर सरकार ने खाद सब्सिडी बढ़ायी

नई दिल्ली 27 अप्रैल । सरकार ने वर्ष 2022 के खरीफ सीज़न के लिए फॉस्फेट एवं पोटाश आधारित
उर्वरकों पर सब्सिडी में बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है ताकि किसानों को खाद खरीदने के लिए अतिरिक्त लागत

नहीं लगाना पड़े। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसला
लिया गया। सूचना प्रसारण, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी

देते हुए संवाददाताओं से कहा कि दुनिया भर में कच्चे माल की कीमतों में करीब 80 फीसदी तक वृद्धि से खाद
की आपूर्ति श्रृंखला में बाधा पहुंची है। दाम बढ़ने के कारण किसानों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़े,

इसे देखते हुए
सरकार ने सब्सिडी इस प्रकार से बढ़ाई है

जिससे उन्हें अतिरिक्त दाम नहीं देना पड़े और पुराने दाम पर ही खाद
मिल सके।

श्री ठाकुर ने कहा कि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक खरीफ सीज़न में सरकार ने गत वर्ष के 29 हजार
426 करोड़ रुपए की तुलना में 60 हजार 939.23 करोड़ रुपए की सब्सिडी जारी करने का फैसला किया है। वर्ष

2021-22 में पूरे वर्ष के लिए 57 हजार, 150 करोड़ रुपए सब्सिडी के लिए दिये थे। उन्होंने कहा कि डीएपी खाद
के लिए वर्ष 2020-21 में एक बोरी पर 512 रुपए और मौजूदा वक्त में 1650 रुपए की सब्सिडी मिलती है।

यह
अब 2501 रुपए कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की खाद की आपूर्ति निरंतर

और निर्बाध बनाये
रखने तथा कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में वृद्धि का बोझ

किसानों पर नहीं पड़ने देने के लिए
कृत संकल्प है।

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