गाजियाबाद के डॉ कनिष्क पांडेय को नीता अंबानी के साथ मिला पहला मेजर ध्यानचंद खेल प्रेरक सम्मान

गाजियाबाद, 22 अप्रैल । खेलों के प्रति जागरूकता बढाने और योगदान देने के लिए शुक्रवार को
आईएमटी गाजियाबाद के स्पोट्र्स रिसर्च सेंटर के प्रमुख डॉ कनिष्क पाण्डेय को मेजर ध्यानचंद खेल प्रेरक सम्मान

से सम्मानित किया गया। डॉ कनिष्क को यह सम्मान मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद ने अपने हाथों से
सौंपा। खास बात है कि ध्यानचंद हीरोज क्लब खेलकूद विकास समिति की ओर से इस साल यह सम्मान डॉ

कनिष्क पांडेय के अलावा नीता अंबानी को दिया गया है। अशोक ध्यानचंद ने बताया कि हीरोज क्लब खेलकूद
विकास समिति के 100 वें स्थापना वर्ष में मेजर ध्यानचंद खेल प्रेरक सम्मान हर साल दिए जाने का फैसला लिया
गया। जिसमें पहली बार के लिए नीता अंबानी और डॉ कनिष्क पांडेय को चुना गया है।

खेलों पर वर्षों से काम कर रहे हैं डॉ कनिष्क पांडेय
डॉ कनिष्क पांडेय बीते कई

सालों से खेलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वह
राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं।

उन्होंने 4 सालों तक खेलों पर स्वतंत्र रूप से शोध किया है। जिसके बाद
उन्होंने खेल साक्षरता मिशन की शुरूआत की।

बच्चों में खेलों के प्रति जिज्ञासा पैदा करने के लिए उन्होंने हिंदी,
अंग्रेजी, ऊर्दू व संस्कृत में 4 किताबें लिखी हैं।

जो खेलों की बारीकियों के बारे में बच्चों को सिखाने में मदद करती
हैं।

इसके अलावा खेलों खासतौर ओलम्पिक के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने स्पोर्टस लिटरैसी वैन
की भारत यात्रा शुरू की।

जो अभी तक 3 हजार किमी का सफर तय करके कई राज्यों से होकर गुजर चुकी है।
इसके अलावा उन्होंने देश में पहली बार मॉडल स्पोट्र्स विलेज का काम शुरू किया।

जिसमें उन्होंने मुजफ्फरनगर के
दो गांवों बहादुरपुर खेडिया व खेडी वीरान को तैयार किया है।

इसके अलावा वह खेलों को मौलिक अधिकार बनाने के
लिए सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ाई लड़ रहे हैं।

डॉ कनिष्क ने कहा खेलों में अभी बहुत काम करने की जरूरत
पुरूस्कार मिलने पर आभार जताते हुए डॉ कनिष्क ने कहा कि भारत में अभी भी खेलों को लेकर बहुत काम करने
की जरूरत है।

इसके लिए जनता के बीच खेलों के प्रति जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। तभी भारत खेलों की
सुपरपावर बन सकता है।

वहीं मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद ने कहा कि खेलों में यदि हमें आगे बढना है
तो डॉ कनिष्क जैसे लोगों का आगे आना बहुत जरूरी है।

डॉ कनिष्क ईमानदारी से काम कर रहे हैं, जिससे भारत
के खेलों में अग्रणी बनने के लिए सही रास्ता दिखाई देगा।

इस दौरान अर्जुन अवार्डी विनीत कुमार, रोमियो जेम्स,
अरविंद छाबड़ा, अशोक दिवान के अलावा, आईएमटी के डीन अमित सरीन, राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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