गोरखनाथ मंदिर हमले के आरोपी अब्बासी की पुलिस हिरासत की अवधि पांच दिन बढ़ी

गोरखपुर, 11 अप्रैल जिले की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर हमले के आरोपी
मुर्तजा अब्बासी की पुलिस हिरासत अवधि 16 अप्रैल तक बढ़ा दी है।

उप्र एटीएस और शाहपुर पुलिस ने अदालत से
आरोपी की पुलिस हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था,

जो सोमवार को समाप्त हो रही थी। मुर्तजा अब्बासी
को सोमवार को अदालत में पेश किया गया।

वरिष्ठ वकील पीके दुबे ने संवाददाताओं को बताया, ‘एटीएस और शाहपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से मुर्तजा अब्बासी
की पुलिस हिरासत हिरासत अवधि बढ़ाने के लिए अदालत से अनुरोध किया था।

एसीजेएम अदालत ने जांच के
लिए पुलिस हिरासत को अवश्यक बताते हुए

अब्बासी को और पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।’’
मजिस्ट्रेट ने रिमांड को 16 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है।

उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने बताया था कि तीन अप्रैल की शाम को, एक आईआईटी स्नातक ने गोरखपुर के
प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के एक गेट पर दो पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियार से हमला किया और परिसर में
जबरन प्रवेश का प्रयास किया।

यह हमला कड़ी सुरक्षा वाले मंदिर परिसर में हुआ। गौरतलब है कि गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का सर्वोच्‍च पीठ
है

और उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ इस पीठ के महंत हैं। गोरक्ष पीठ की स्थापना 11वीं शताब्दी
में हुई।

मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक माह चलने वाला विशाल मेला लगता है जो ‘खिचड़ी मेला’ के नाम से
प्रसिद्ध है।

हमला करने वाले युवक की पहचान मुर्तजा अब्बासी के रूप में हुई और उसे गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश
किया गया, जिसने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

पुलिस के अनुसार, मुर्तजा ने ‘अल्लाहू अकबर’ का
धार्मिक नारा लगाने के बाद नवरात्रि उत्सव के दौरान भक्तों से भरे मंदिर में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की।

अधिकारियों ने बताया था कि हमलावर व्यक्ति आतंकी घटना को अंजाम देने की बदनीयती से मंदिर परिसर में
घुसने का प्रयास कर रहा था, जिसे पीएसी एवं पुलिस के जवानों ने नाकाम कर दिया।

उन्होंने बताया था कि इस
घटना में हमलावर ने पीएसी के दो जवानों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

वहीं, मुर्तजा के पिता मुनीर अब्बासी
ने बताया कि उनका बेटा आईआईटी-मुंबई के 2015 बैच का स्नातक और एक केमिकल इंजीनियर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *