डिब्बाबंद उत्पाद उद्योग ने प्लास्टिक की स्ट्रॉ पर प्रतिबंध फिलहाल टालने का अनुरोध किया

छोटे पैकेटबंद फलों के रस और डेयरी उत्पादों के विनिर्माताओं ने प्लास्टिक की नली (स्ट्रॉ) पर प्रतिबंध को लागू करने की समय-सीमा एक जुलाई से आगे बढ़ाने की मांग की है। विनिर्माताओं का कहना है कि आयातित कागज की नली (पेपर स्ट्रॉ) से लागत बढ़ जाएगी और उद्योग की आवश्यकता भी पूरी नहीं होगी।

उद्योग निकाय ‘एक्शन अलायंस फॉर रिसाइकलिंग बेवरेज कार्टन्स (एएआरसी)’ और एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया ने कहा कि अभी कोई और बेहतर विकल्प उपलब्ध नहीं है, ऐसे में सुगम परिवर्तन के लिए प्रतिबंध की समय-सीमा कम से कम दो-तीन वर्ष के लिए बढ़ाई जानी चाहिए।

एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर सरकार का प्रतिबंध एक जुलाई से प्रभावी होगा और इसका असर खाद्य कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले जूस और दूध आधारित पेय के छोटे पैकट के साथ मिलने वाली प्लास्टिक स्ट्रॉ पर भी पड़ेगा।

डाबर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मोहित मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमारा सरकार से अनुरोध है कि जब तक पेपर स्ट्रॉ के स्थानीय स्तर पर विनिर्माण के लिए आवश्यक अवसंरचना तैयार नहीं हो जाती तब तक प्रतिबंध लागू नहीं किया जाए।’’

एएआरसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि प्रतिबंध का बड़ा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि अभी हमारे पास कोई विकल्प मौजूद नहीं है।

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