दिल्ली के बालगृहों में रह रहे बच्चों की अध्ययन क्षमता सुधर रही

बालगृहों में रहने वाले बच्चों के बीच मिशन बुनियाद की सार्थकता का प्रभाव देखने को मिल रहा है। बच्चों की पढ़ने की क्षमता में सुधार देखा जा रहा है। मार्च महीने में बच्चों के पढ़ने के स्तर को लेकर बाल गृहों का मूल्यांकन किया गया था। बच्चों की स्थिति को सुधारने के लिए मिशन बुनियाद को लागू किया गया।

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के अध्यक्ष अनुराग कुंडू के मुताबिक अब 25 फीसदी बच्चे कहानियों को पढ़ सकते है। पहले यह दर 13 फीसदी थी। 19 फीसदी बच्चे अक्षर तक नहीं पढ़ पाते थे, लेकिन अब उनका स्तर भी गिरकर 12 फीसदी पर पहुंच गया है। ऐसे बच्चे जो अंकों को भी नहीं पहचान सकते थे उनकी दर भी पांच फीसदी रह गई है। इसके अलावा 49 फीसदी बच्चे गुणा-भाग कर सकते हैं।

दो महीने में यह बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की स्थिति सुधारने को लेकर दिल्ली सरकार के मिशन बुनियाद अभियान को अपनाया गया है। डीसीपीसीआर अध्यक्ष ने बताया कि बाल गृह में रहने वाले छह वर्ष से लेकर 15 वर्ष के बच्चों के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

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