दिल्ली में लॉन्च हुआ ;एजुकेशन सांग;, शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया बोले- बच्चों को गाना रटवाएं नहीं, जीना सिखाएं

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (वेब वार्ता)। केजरीवाल सरकार ने एजुकेशन को लेकर अपने विज़न व प्रेरणा पर आधारित
;दिल्ली एजुकेशन सॉन्ग; को लांच किया।

;ये नन्हे फूल ही इक दिन नया भारत बनाएंगे, इरादा कर लिया है हम
इन्हें ऐसा पढ़ाएंगे;

की लिरिक्स के साथ ये सॉन्ग के माध्यम से केजरीवाल सरकार हर बच्चों को उनके पढ़ने-लिखने
के असल मकसद से परिचित करवाना चाहती है।

मंगलवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री मनीष
सिसोदिया ने इस सॉन्ग; को लांच किया।

इस अवसर पर श्री सिसोदिया ने कहा कि एक इंसान अपने जीवन के महत्वपूर्ण 20 साल शिक्षा को देता है लेकिन
20 साल लम्बी शिक्षा देकर हम चाहते क्या हैं? हमारा इरादा क्या है?

बच्चा, माता-पिता, समाज और राष्ट्र शिक्षा
से चाहते क्या है? इन्हीं सवालों का जबाब ये शिक्षा गीत देगा।

उन्होंने कहा कि शायद ही दुनिया में शिक्षा से जुड़ा
ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो इस गीत को सुनकर ये नहीं सोचेगा कि उसकी पढ़ाई का असल इरादा वहीँ था जो इस
गीत में है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली का शिक्षा गीत केवल एक गीत नहीं बल्कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी का
संकल्प है कि हम सब मिलकर अपने बच्चों को कैसी शिक्षा देंगे ये इरादा है कि उन्हें कैसे पढ़ाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का शिक्षा विभाग देश व दुनिया का पहला ऐसा शिक्षा विभाग होगा जिसने अपना
शिक्षा गीत बनाया है। पिछले 5-7 साल से दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में रोज नए बदलाव आए है।

सरकारी स्कूलों
की बिल्डिंग प्राइवेट स्कूलों से भी शानदार हो गई है

लेकिन क्या शिक्षा का इरादा केवल 5 स्टार चमचमाते स्कूल
बिल्डिंग बनाना व सुविधाएं देना है?

क्या शिक्षा का इरादा केवल अच्छे नतीजे लेकर आना है? बच्चों का
आईआईटी, लॉ, मैनेजमेंट, मेडिकल जैसे क्षेत्रों में चयनित होना या बेहतर नौकरी पा लेने भर तक सीमित है? नहीं
शिक्षा का इरादा केवल यहां तक सीमित नहीं है बल्कि उससे कही ज्यादा है।

श्री सिसोदिया ने कहा कि दुनिया का कोई भी पेरेंट्स अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का जो सपना देखता है,
हमारी नई शिक्षा नीति में जो चीजें 68 पन्नों में कही गई है

वो सब बातें, विज़न, शिक्षा को लेकर देखे गए सपने
इस गीत में समाहित है। उन्होंने कहा कि ये केवल दिल्ली का शिक्षा गीत नहीं है

बल्कि पूरे देश में शिक्षा को लेकर
देखे गए सपने को पूरा करने का गीत है।

उन्होंने कहा कि एक इंसान अपने जीवन के महत्वपूर्ण 20 साल शिक्षा
को देता है लेकिन 20 साल लम्बी शिक्षा देकर हम चाहते क्या हैं?

हमारा इरादा क्या है? बच्चा, माता-पिता, समाज
और राष्ट्र शिक्षा से चाहते क्या है? ये गीत इन्हीं सवालों का जवाब है।

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