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भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण के चौथे दिन राहुल गांधी धर्मनगरी पहुंचे

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भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण के चौथे दिन राहुल गांधी धर्मनगरी पहुंचे

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भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण के चौथे दिन राहुल गांधी धर्मनगरी पहुंचे तो उन्होंने भी कई मायने से पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को कर्म का संदेश दिया। महाभारत युद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को फल की चिंता किए बिना कर्म करने का संदेश दिया था। गीता के इस संदेश को आज पूरी दुनिया मान चुकी है।बिना रुके, बिना थके राहुल गांधी ने एक ही झटके में साढ़े छह किलोमीटर की पैदल यात्रा की तो फिर बाकी यात्रा पूरी कर पवित्र ब्रह्मसरोवर पर जाकर तीर्थ पूजन व आरती की।

जिस दौरान पूरा ध्यान अपनी यात्रा पर ही केंद्रित रखा

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जिला की सीमा में राहुल गांधी ने गांव झिरबड़ी से तीन बजकर 50 मिनट पर अपनी यात्रा शुरू की, जिस दौरान पूरा ध्यान अपनी यात्रा पर ही केंद्रित रखा। हालांकि प्रदेश के कई नेता अपनी हाजिरी दिखाने के प्रयासों में लगे रहे, लेकिन राहुल ने न किसी नेता को ज्यादा तव्वजो दी तो न किसी को दरकिनार किया। सभी से अपने साथ कदमताल करवाई, जिसके साथ एकजुटता का भी संदेश दिया। भारत जोड़ो यात्रा रविवार को कुरुक्षेत्र पहुंची और यहां राहुल गांधी ने ब्रह्मसरोवर पर महाआरती की। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के अन्य नेता भी रहे।

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राहुल गांधी 5:30 बजे कुरुक्षेत्र में विजय अग्रवाल के घर पर पहुंचे

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी 5:30 बजे कुरुक्षेत्र में विजय अग्रवाल के घर पर पहुंचे। वह करीब आधा घंटा तक वहां रुके। विजय अग्रवाल व उनकी पत्नी नीतू अग्रवाल ने कहा कि अचानक हम खुशी से घबरा गए, हम बहुत खुशी में झूम उठे। राहुल गांधी ने उनका हालचाल जाना और बच्चों के साथ भी प्यार किया।भारत जोड़ो यात्रा लगातार कुरुक्षेत्र की ओर बढ़ रही है। यात्रा की वजह से जीटी रोड पर भी जाम की स्थिति बनी हुई है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने 23 नवंबर की सुबह बुरहानपुर के बोरदली गांव से मध्यप्रदेश में एंट्री की।

यह पहला मौका था, जब गुटों में बंटी कांग्रेस के नेताओं में एकजुटता दिखाई दी

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कमलनाथ, दिग्विजय और दूसरे नेताओं ने मेगा वेलकम किया। यह पहला मौका था, जब गुटों में बंटी कांग्रेस के नेताओं में एकजुटता दिखाई दी। स्वागत-सत्कार का जिम्मा पूर्व मंत्री अरुण यादव से लेकर बुरहानपुर विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा को दिया गया था।ऐसे में आपसी गुटबाजी का यात्रा पर असर ना हो, इसके दो दिन पहले दिग्विजय, अरुण यादव को लेकर शेरा के घर पहुंचे थे। अरुण यादव ने यात्रा की सफलता के लिए संकट मोचन के दरबार में अर्जी लगाई। चूंकि, यात्रा का पूरा दारोमदार दिग्विजय पर था, वे हर छोटी-बड़ी बात पर नजर रखे थे।

मध्यप्रदेश में यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर 10वें दिन आगर पहुंची

कमलनाथ ने हर रोज तैयारियों की समीक्षा की।मध्यप्रदेश में यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर 10वें दिन आगर पहुंची, तो राहुल गांधी के एक बयान पर विवाद छिड़ गया। यहां उन्होंने BJP और RSS को जय सियाराम कहने की नसीहत दी थी और जय श्रीराम और जय सियाराम में फर्क बताया।राहुल गांधी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- BJP और RSS के लोग भगवान राम के जीने के तरीके को नहीं अपनाते। वो सियाराम और सीताराम कर ही नहीं सकते, क्योंकि उनके संगठन में एक महिला नहीं है, तो वो जयसिया राम का संगठन ही नहीं है, उनके संगठन में सीता तो आ ही नहीं सकती, सीता को तो बाहर कर दिया।

जय श्रीराम, जय सियाराम और हे राम का प्रयोग कीजिए

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ये बातें मुझे एक पंडित जी ने सड़क पर कही। मैं RSS के लोगों से कहना चाहता हूं कि जय श्रीराम, जय सियाराम और हे राम का प्रयोग कीजिए। सीता जी का अपमान मत कीजिए। राहुल के इस बयान के दौरान पब्लिक के साथ मंच पर बैठै दिग्विजय ने भी ताली बजाई।सुमराखेड़ी जोड़ से आगर के बीच यात्रा के शाम के पड़ाव में किसान खाट पंचायत का आयोजन हुआ था। यहां कांग्रेस के नेता और योगेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में किसान नेता पहुंचे थे। बड़ा मंच था। किसानों को उम्मीद थी कि यहां राहुल जरूर आएंगे, लेकिन राहुल यहां नहीं रुके।

यहां किसानों ने राहुल से बातचीत के लिए खाट लगाई हुई थी

यहां किसानों ने राहुल से बातचीत के लिए खाट लगाई हुई थी। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने कहा कि ये तपस्वियों का देश है पुजारियों का नहीं। दरअसल एक पत्रकार ने सवाल किया था कि क्या आप तपस्वी बन गए हैं, इसपर राहुल ने कहा कि मैं तपस्वी था, तपस्वी हूं। लेकिन सवाल ये है कि लोग कहते हैं राहुल गांधी कितने किलोमीटर चले, ये क्यों नहीं कहते देखो किसान कितने किलोमीटर चलता है,हिंदुस्तान का एक भी मजदूर-एक भी किसान ऐसा नहीं है, जो मुझसे कम चला है।

मेरा ध्यान काम करने पर है, मैं इस ओर ध्यान नहीं देता हूं

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लेकिन उनकी बात नहीं करते, क्योंकि तपस्या की रिस्पेक्ट नहीं करते, मैं करता हूं, क्योंकि ये देश तपस्वियों का है पुजारियों का नहीं है। जैसे मैंने कहा इस देश को सुपर पावर बनना है तो तपस्वियों की रिस्पेक्ट करनी पड़ेगी। राहुल गांधी से एक पत्रकार ने यात्रा से उनके व्यक्तित्व व इमेज में बदलाव के बारे में पूछा तो राहुल गांधी ने कहा कि जो राहुल गांधी आपके दिमाग में है मैंने उसे मार दिया। उन्होंने कहा कि जिस राहुल गांधी को आप सोच रहे हैं, वह मेरे दिमाग में नहीं है। मेरा ध्यान काम करने पर है, मैं इस ओर ध्यान नहीं देता हूं।

वह भी लोगों को सच्चाई से रूबरू करवा रहे हैं और यह यात्रा की सफलता है

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गांव समाना में स्टार डिवाइन ढाबे पर पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी भारत जोड़ों यात्रा देश के ऐसे माहौल को बदलने के लिए निकाली जा रही है और वह इसमें कामयाब हो रहे हैं। देश के लोग यात्रा से जुड़ रहे हैं और उन्हें सच्चाई बता रहे हैं,वह भी लोगों को सच्चाई से रूबरू करवा रहे हैं और यह यात्रा की सफलता है। जहां भी जा रही है और ज्यादा रिस्पांस मिल रहा है।राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का मकसद तपस्या के साथ देश को आगे बढ़ाना है और यही कांग्रेस का सिंबल है।

शिव जी, गुरु नानकदेव जी, भगवान बुद्ध भी हाथ खड़ा कर अभय मुद्रा में दिखाई देते हैं। ये तपस्या का प्रतिक है। उसी मुद्रा में कांग्रेस है, जिसका मकसद देश को जोड़कर आगे बढ़ाने का है।

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