दो पालियों में हुई ईद की नमाज, मस्जिदों से बाहर नहीं आए नमाजी

गाजियाबाद, 04 मई  दो साल बाद हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद पर पहली बार नमाज दो पालियों
में अदा की गई।

प्रदेश सरकार के आदेश के चलते नमाजी मस्जिदों से बाहर सड़कों तक नहीं आए। नमाजियों की
संख्या ज्यादा होने की वजह से आधे घंटे के अंतराल पर दोबारा नमाज अदा की गई।

कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज के
बाद देश में अमन-चैन और महामारी से निजात की दुआ की गई।

अल्लाह के बताए रास्तों पर चलने का संदेश भी
दिया गया।

कोरोना की वजह से दो साल से ईद के त्योहार पर बंदिशों के साथ नमाज अदा की जा रही थी। लोग घर में ही
रहकर त्योहार मना रहे थे।

कोरोना संक्रमण कम होने के बाद इस बार बंदिशें हटी तो एक माह के रमजान के बाद
भाईचारे का त्योहार ईद हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

मंगलवार को लोग ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे और सभी
ने एक साथ नमाज अदा की।

कैला भट्ठा स्थित ईदगाह में सुबह 8.30 बजे मौलाना मुफ्ती जमीर अहमद ने नमाज अदा कराई। उन्होंने लोगों को
अल्लाह के बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि आजकल शादी-ब्याह के आयोजनों में बड़ी मात्रा
में खाना बनाया जाता है। इसमें से काफी खाना बच जाने के कारण कूड़े में फेंक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि
खाने की बर्बादी को रोका जाए।

शादियों में पैसा बर्बाद करने की बजाय मजलूमों व गरीबों की मदद के लिए खर्च
किया जाए। फितरा और जकात जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए।

शहर काजी मशरूर अब्बासी ने कहा कि अल्लाह के
बताए नेक रास्ते पर चलें और सभी के साथ मिलजुल कर भाईचारे के साथ रहें।

जरूरतमंदों की मदद करें और
किसी को परेशान न करें।

ईदगाह सहित सिहानी गेट जामा मस्जिद, मदनी मस्जिद चमन कालोनी, माता कालोनी मस्जिद, मदीना मस्जिद
भट्ठा नंबर-4, दिल्ली गेट बड़ी मस्जिद, मैयराजपुर, बड़ी मस्जिद मैयराजपुर. जामा मस्जिद सेक्टर-23, जामा

मस्जिद इंदिरापुरम, डासना ईदगाह, मसूरी ईदगाह, डासना रफीकाबाद मस्जिद, मसूरी स्टैंड स्थित मदनी मस्जिद
सहित सभी मस्जिदों में पुरुषों और बच्चों ने नमाज अदा की।

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