बाल तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ और बीबीए ने समझौता किया

नई दिल्ली, 06 मई (रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और ‘बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) ने बाल
तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। बीबीए और आरपीएफ के

साझा बयान के मुताबिक, समझौता ज्ञापन के तहत ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ उचित संचार सामग्री साझा करके,
वॉयस मैसेजेस एवं वीडियो क्लिप आदि के जरिए जागरूकता पैदा कर आरपीएफ को सहयोग करेगा। इन मैसेजेस

एवं वीडियो क्लिप को नियमित रूप से ट्रेनों में एवं स्टेशनों पर चलाया जाएगा। इससे अपराधियों के बीच डर पैदा
करने में मदद मिलेगी। ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की स्थापना नोबेल शांति पुरस् कार से सम् मानित कैलाश सत्

यार्थी द्वारा साल 1980 में की गई थी। बीबीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजनी सेखरी सिबल ने कहा, ‘‘देश में
बच्चों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के साथ जुड़कर काम करने में हमें गर्व महसूस हो रहा है।

कोरोना काल के दौरान ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ ने 10 हजार से ज् यादा बच् चों को तस्करी से बचाया था। इनमें
से ज्यादातर रेलवे स् टेशनों से बचाए गए थे।

हम भविष् य में भी रेलवे सुरक्षा बल के साथ काम करने को लेकर
प्रतिबद्ध हैं।’

’ आरपीएफ के महानिदेशक संजय चंदर ने कहा कि इस समझौते से बाल तस्करी के खिलाफ लड़ाई को
और मजबूती मिलेगी।

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