भारत और मालदीव के बीच संसदीय मैत्री समूह का गठन होगा

नई दिल्ली, 27 अप्रैल  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को विश्वास व्यक्त किया कि भारत
और मालदीव के बीच संसदीय कूटनीति को और बढ़ाने तथा संसदों के शिष्टमंडलों के दौरों को बढ़ावा देने के लिए
दोनों देशों के बीच जल्द ही द्विपक्षीय संसदीय मैत्री समूह का गठन किया जाएगा।

श्री बिरला ने यहां अपने निवास पर मालदीव संसद (मजलिस) के अध्यक्ष श्री मोहम्मद नशीद के साथ द्विपक्षीय
बैठक की। श्री नशीद के पर पिछले साल हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमला कायरतापूर्ण था

और भारतीय संसद सहित देश की समस्त जनता के लिए चिंता का विषय था। उन्होंने प्रसन्नत्ता व्यक्त की कि श्री
नशीद अब पूर्णतः स्वस्थ हैं।

इस अवसर पर श्री बिरला ने भारत एवं मालदीव की संसदों के बीच डिजिटलीकरण, आर्काइविंग और विधायी
ड्राफ्टिंग के क्षेत्रों में और अधिक सहयोग पर संसदीय सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन के सफल कार्यान्वयन पर

प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे क़दमों से मालदीव की संसदीय संस्थाओं की क्षमता निर्माण में मदद
मिल रही है।

मालदीव के सांसदों और अधिकारियों के क्षमता निर्माण के विषय में श्री बिरला ने कहा कि भारतीय संसद के
प्रशिक्षण संस्थान प्राईड की ओर से 2020 में मजलिस के अधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

आयोजित किया गया था उन्होंने कहा कि मालदीव के सांसदों और अधिकारियों की आवश्यकता के अनुसार इन
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बदलाव किया जा सकता है।

दोनों देशों के बीच संसदीय कूटनीति को और बढ़ाने तथा संसदों के शिष्टमंडलों के दौरों को बढ़ावा देने के लिए श्री
बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत तथा मालदीव के बीच द्विपक्षीय संसदीय मैत्री समूह का गठन किया

जाएगा। श्री बिरला ने संसदीय राजनय तथा निकटम सम्बन्धो के सन्दर्भ में दोनों देशों की संसदों के बीच विचार
विनिमय एवं सहयोग के सशक्तिकरण पर ज़ोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने 2022-23 में मालदीव मजलिस की

विदेश संबंध समिति तथा मजलिस की पार्लियामेंट्री एकांउट कमिटी को द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय महत्व के विषयों
पर विचार करने के लिए भारत आमंत्रित किया।

श्री बिरला ने कहा कि भारत और मालदीव लोकतान्त्रिक शासन पद्धति में आस्था रखते हैं और लोकतान्त्रिक देशों
की संसदों के बीच नियमित संवाद लोकतंत्र को सशक्त करने तथा लोकतान्त्रिक संस्थाओं के प्रभावी कार्यकरण में

सहायक है। उन्होंने श्री नशीद को अवगत कराया कि भारतीय संसद चर्चा एवं संवाद का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और
संसद के हाल के सत्रों में जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 जैसे अनेक वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई जिनका
सीधा सरोकार सामान्य जनता से होता है।

श्री बिरला ने निर्माणाधीन नए संसद भवन के विषय में जानकारी दी कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य इसी वर्ष
पूरा कर लिया जाएगा तथा वर्ष के अंत में होने वाला संसद का शीतकालीन सत्र इस नए भवन में आयोजित किया
जाएगा।

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