महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी से बढ़ा बिजली संकट, लोडशेडिंग बढ़ेगी

मुंबई, 12 अप्रैल । महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी से बढ़ी बिजली की खपत और कोयले की कमी की वजह सूबे
पर बिजली संकट बढ़ गया है।

इसलिए उर्जा विभाग ने मुंबई और ठाणे को छोडक़र शेष महाराष्ट्र में लोडशेडिंग लागू
करने का निर्णय लिया है।

ऊर्जा मंत्री नितीन राऊत ने महाराष्ट्र के नागरिकों को बिजली कम से कम इश्तेमाल
करने की अपील की है।

राज्य में गर्मी की तीव्रता फरवरी से लगातार बढ़ती जा रही है। औद्योगिक उत्पादन के साथ-साथ कृषि पंपों की
बिजली खपत में भी वृद्धि हुई है।

इसलिए, राज्य में 28,000 मेगावाट से अधिक बिजली की रिकॉर्ड मांग वर्तमान
में बनी हुई है।

मुंबई को छोडक़र एमएसईडीसीएल के कार्य क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में चार हजार मेगावाट की
वृद्धि हुई है।

पिछले एक पखवाड़े में एमएसईडीसीएल की बिजली की मांग 24,500 से 24,800 मेगावाट तक पहुंच
गई है।

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए मांग 25,500 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल रात में भी मांग
22,500 से 23,000 मेगावाट है।

एमएसईडीसीएल की स्थापित क्षमता 33,700 मेगावाट है, जिसमें से 21,057
मेगावाट (62 प्रतिशत) थर्मल पावर है

। हालांकि, देश में कोयले की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों में थर्मल
विद्युत उत्पादन में भी गिरावट आई है।

इसके अलावा, चूंकि कुछ थर्मल सेट रखरखाव और मरम्मत के लिए बंद
हैं, एमएसईडीसीएल को वर्तमान में थर्मल बिजली उत्पादन से 6,000 मेगावाट से कम बिजली मिल रही है।

कोयला जलविद्युत परियोजना वर्तमान में 1800 मेगावाट बिजली पैदा कर रही है। जल विद्युत परियोजनाओं के
लिए 31 मई तक कुल आवंटन में से 17.60 टीएमसी पानी बचा है।

जबकि ईआरवी बिजली उत्पादन के लिए
प्रतिदिन 0.30 टीएमसी पानी का उपयोग किया जा रहा है,

वर्तमान में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के
लिए 0.70 टीएमसी पानी का उपयोग किया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग ने पानी की खपत की सीमाओं और
वर्तमान प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बिजली उत्पादन के लिए अन्य 10 टीएमसी पानी का उपयोग करने के
लिए विशेष मंजूरी दी है।

कोयना जलविद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन के लिए पानी की सीमा में वृद्धि से
बिजली की कमी से कुछ राहत मिलेगी।

राष्ट्रीय थर्मल विद्युत निगम ने 28 मार्च से 15 जून तक रोजाना 673 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी है।
इस बीच, कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड (सीजीपीएल) ने 760 मेगावाट बिजली की खरीद को मंजूरी दे दी है,

जिसमें से आज आधी रात से ही 415 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा दी गई है। पूरे देश में खुले बाजार (पावर
एक्सचेंज) में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे प्रति यूनिट कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि, अतिरिक्त भुगतान
करने की इच्छा के बावजूद, खुले बाजार में बिजली की अपेक्षित आपूर्ति उपलब्ध नहीं है।

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