मेरी गिरफ्तारी पीएमओ के गोडसे भक्तों द्वारा रची गई पूर्व नियोजित साजिश : मेवानी (अपडेट)

नई दिल्ली, 02 मई गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री
कार्यालय में ‘कुछ गोडसे भक्तों’ ने उनके खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने असम पुलिस द्वारा गिरफ्तारी

को गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले खुद को बर्बाद किये जाने की पूर्व नियोजित साजिश करार दिया।
शनिवार को रिहा किये गये मेवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘56 इंच के सीने’ वाले बयान को लेकर निशाना

साधते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी ‘56 इंच का कायरतापूर्ण’ कृत्य है जिसने गुजरात के गौरव को अपमानित
किया है।

मेवानी ने संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि वह सड़कों पर उतरेंगे और एक जून को कई मुद्दों पर ‘गुजरात
बंद’ कराएंगे। इन मुद्दों में 22 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, मुंद्रा बंदरगाह

से ‘1.75 लाख करोड़’ रुपये के नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग के साथ
ही ऊना में दलितों तथा राज्य में अल्पसंख्यकों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया
जाएगा।

मेवानी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पीएमओ में बैठे कुछ गोडसे-भक्तों ने महज मेरे ट्वीट
के लिए मेरे खिलाफ गंभीर प्राथमिकियां दर्ज कराई हैं।’’

कांग्रेस को समर्थन देने वाले वडगाम से निर्दलीय विधायक मेवानी को असम पुलिस 19 अप्रैल को गुजरात से पकड़
कर पूर्वोत्तर राज्य ले गई थी। यह कार्रवाई मेवानी के उस ट्वीट के बाद की गई थी जिसमें उन्होंने कथित तौर पर
कहा था कि मोदी “गोडसे को भगवान मानते हैं।”

इस मामले में जमानत पर रिहा किये जाने के बाद दलित नेता को एक महिला पुलिसकर्मी पर हमले के आरोप में
फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। बारपेटा की एक अदालत ने उन्हें मामले में जमानत दे दी और गुवाहाटी

उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह असम पुलिस को ‘मौजूदा मामले की तरह झूठी प्राथमिकी दर्ज करने से
रोकने के लिए खुद को सुधारने का निर्देश दे…’।

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