मोदी ने किया आयुष में निवेश और शोध का आह्वान

गांधीनगर/नई दिल्ली, 20 अप्रैल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष में शोध और निवेश का आह्वान करते
हुए बुधवार को कहा कि इसमें किसानों की आय और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की व्यापक

संभावनाएं हैं। श्री मोदी ने वैश्विक आयुष निवेश एवं नवाचार शिखर सम्मेलन 2022 के उद्घाटन सत्र को संबोधित
करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आयुष औषधियों और चिकित्सा पद्धति ने मानवता में व्यापक स्तर
पर योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि आयुष में निवेश और शोध बढ़ाने की जरूरत है, जिससे दुनिया की बड़ी
आबादी को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सके।

उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में स्थानीय
संसाधनों का इस्तेमाल करने से किसानों की आय में भी इजाफा होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
बढ़ेंगे।

श्री मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान भारतीय कंपनियों द्वारा कोविड टीका विकसित करने का उल्लेख करते हुए
कहा कि पूंजी उपलब्ध होने से किसी भी क्षेत्र का सामर्थ्य बढ़ता है।

कोरोना महामारी के दौरान संबंधित कंपनियों
को पूंजी उपलब्ध कराई गई,

जिससे टीका विकसित किया जा सका और महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ा जा
सका। उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है और शोध एवं नवाचार पर जोर देने से नई
संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

आयुष के वैश्विक बाजार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में यह महज तीन
अरब डॉलर का था जो अब बढ़कर 18 अरब डॉलर का हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसमें तेज
वृद्धि होने वाली है। अगले 25 साल के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष क्षेत्र का बड़ा योगदान होगा।

श्री मोदी ने कहा कि आयुष का बाजार तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि दुनिया में आयुष उत्पादों की मांग में वृद्धि हो
रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आयुष स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दे रही है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ
दिन में आयुष स्टार्टअप में भी यूनिकॉर्न हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में हर्बल औषधियों का व्यापक
खजाना है

और यह भारत का ;ग्रीन गोल्ड; है। उन्होंने कहा कि सरकार आयुष बाजार को आधुनिक बनाने का
प्रयास कर रही है।

सरकार ने लगभग 50 देशों के साथ आयुष उत्पादों के आदान-प्रदान पर समझौते किए हैं। इसके
अलावा आयुष ट्रेडमार्क भी विकसित किया जा रहा है।

इससे आयुष उत्पादों का मानकीकरण किया जा सकेगा और
दुनिया भर के बाजार भारतीय आयुष उत्पादों के लिए खुल जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा पर्यटन को
बढ़ावा देने के लिए आयुष रिजर्व श्रेणी बना रही है।

इससे उन विदेशियों को लाभ होगा जो भारत में अपने इलाज
के लिए आते हैं।

उन्होंने कहा कि आयुष को आधुनिक तकनीक से लैस करने से इस पर लोगों का भरोसा बढ़
जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में आयुष पार्क नेटवर्क विकसित कर रही है।

केरल के चिकित्सा पर्यटन
की सफलता का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश के प्रत्येक राज्य में ऐसी संभावना है।

स्थानीय स्तर पर
उपलब्ध संसाधनों पर शोध किया जाना चाहिए और इन्हें विश्व पटल पर रखा जाना चाहिए।

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