सर्दियों में कच्ची हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है

सर्दियों में कच्ची हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है

सर्दियों

सर्दियों में कच्ची हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण होते हैं, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। बापू नेचर क्योर अस्पताल के आयुर्वेद डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ रश्मि चतुर्वेदी का कहना है कि कच्ची हल्दी खून को साफ करती है। स्किन डीजीज, सर्दी-खांसी और दर्द में ये एक औषधि की तरह काम करती है। सर्दियों में स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी सिस्टम और बीमारियों से बचने के लिए कच्ची हल्दी को डाइट में जरूर शामिल करें। हल्दी में विटामिन C और K के अलावा पोटैशियम, प्रोटीन, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं।

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एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल तत्व भी मौजूद होते हैं

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इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल तत्व भी मौजूद होते हैं। कच्ची हल्दी को पानी में उबालकर उसमें काली मिर्च डालकर पीने से सर्दी-खांसी, इंफेक्शन जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। अगर गले में दर्द और खांसी से परेशान हैं तो कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर रोजाना सुबह-शाम पिएं, आराम मिलेगा। आर्थराइटिस या जोड़ों में दर्द की समस्या है तो कच्ची हल्दी का सेवन करे। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर में सूजन को रोकता है और दर्द से निजात पाने में मदद करता है।

पेट और पाचन संबंधित परेशानियों में आराम मिलता है

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दर्द और सूजन से छुटकारा पाने के लिए कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर उसे पिएं या फिर कच्ची हल्दी को पानी में डालकर उबालें, साथ ही काली मिर्च मिलाएं। जब पानी आधा रह जाए तो इसे पीएं। हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जिससे पेट और पाचन संबंधित परेशानियों में आराम मिलता है। सर्दियों में पानी कम पीने से पाचन संबंधित समस्या होने लगती है। इसलिए कच्ची हल्दी को नींबू के साथ मिलाकर खाएं। डायरिया, अपच और गैस जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए कच्ची हल्दी को पानी में उबालकर पिएं।

एक चम्मच घी के साथ मिलाकर खाने से अपच की समस्या दूर होगी

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कच्ची हल्दी को उबालकर और उतनी ही मात्रा में लहसुन और एक चम्मच घी के साथ मिलाकर खाने से अपच की समस्या दूर होगी। हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जिसके कारण ये दांत में रहने वाले कीटाणुओं से लड़ने में मदद करता है। पायरिया होने पर हल्दी में सरसों का तेल मिलाकर सुबह-शाम मसूड़ों की मालिश करें और उसके बाद गर्म पानी से कुल्ला करें। इससे पायरिया के कारण दांत में होने वाले दर्द से राहत मिलती है। सर्दियों में मारवाड़ में लोग कच्ची हल्दी की सब्जी खाते हैं। राजस्थान में लोग इसे सूपरफूड भी कहते हैं।

माना जाता है कि इसे खाने से बीमारियां दूर रहती हैं

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कच्ची हल्दी का सीजन आते ही घर-घर में ये सब्जी बनाई और खाई जाती है। अब केवल घरों में ही नहीं राजस्थान के कई फाइव स्टार होटलों में भी इसे सर्व किया जाता है। एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होने के कारण कच्‍ची हल्‍दी सर्दियों के मौसम में काफी मददगार साबित होती हैमाना जाता है कि इसे खाने से बीमारियां दूर रहती हैं ये आपकी इम्‍यूनिटी को मजबूत करने का काम करती है। इससे शरीर सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल जैसी तमाम समस्‍याओं से बचा रहता है।

गर्म तासीर की होने के कारण ये शरीर को सर्दी के असर से बचाती है

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जिन लोगों को सांस से जुड़ी समस्‍या है, अस्‍थमा आदि की परेशानी है, उनके लिए सर्दियों में कच्‍ची हल्‍दी का सेवन काफी मददगार साबित हो सकता है। आप इसे पानी में उबालकर सुबह और शाम को ले सकते हैं। हल्‍दी में मौजूद करक्यूमिन ब्लड में ग्लूकोज लेवल को कम करता है। सर्दियों में डायबिटीज के मरीजों के लिए भी कच्‍ची हल्‍दी काफी फायदेमंद मानी जाती है। जिन लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्‍या होती है, उनके लिए भी कच्‍ची हल्‍दी काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसे दूध में डालकर या पानी में उबालकर और छानकर पीया जा सकता है।

रात में दूध में कच्ची हल्दी उबालकर पिएं

हालांकि कच्‍ची हल्‍दी कैंसर का इलाज नहीं होती, ये सिर्फ इसके रिस्‍क को कम करने में मददगार होती है। सर्दियों में खांसी, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बुखार की समस्या आमतौर पर देखी जाती है। ऐसे में आप कच्ची हल्दी का सेवन कर सकते हैं। रात में दूध में कच्ची हल्दी उबालकर पिएं। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलेगा। इससे सूखी खांसी भी ठीक होगी। गले में खराश है, तो हल्दी को पानी में उबालकर पिएं। लिवर को हेल्दी रखने के लिए कच्ची हल्दी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए सूप, सब्जी या दूध में कच्ची हल्दी का सेवन करें।

मोटापा और डायबिटीज के खतरे को कम कर सकता है

इसमें मौजूद करक्यूमिन लिवर डिजीज के खतरे को कम करता है। ये लिव  से टॉक्सिन को निकालने में कारगर है। हालांकि अगर आपको पहले से ही लिवर से जुड़ी कोई समस्या है, तो कच्ची हल्दी का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।  वजन कम करना चाहते हैं तो इसमें भी कच्ची हल्दी का सेवन आपको फायदा पहुंचाएगा। सर्दियों कच्ची हल्दी में मौजूद करक्यूमिन मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, मोटापा और डायबिटीज के खतरे को कम कर सकता है। करक्यूमिन शरीर के वजन और बॉडी मास इंडेक्स को कम करने में भी मददगार है।

अगर आपको आर्थराइटिस की समस्या है, तो इसमें भी कच्ची हल्दी का सेवन आपको फायदा पहुंचाएगा। एक शोध के अनुसार, हल्दी का सत अर्थराइटिस के लक्षणों जैसे दर्द, सूजन को कम करता है। जहां दर्द या सूजन है, वहां पर आप कच्ची हल्दी का लेप भी लगा सकते हैं।

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