सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की जरूरत: मंत्री

ईटानगर,  अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री बामंग फेलिक्स ने शनिवार को राज्य के सीमावर्ती
क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की।

आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए, फेलिक्स ने पूर्वोत्तर राज्य के
सीमावर्ती क्षेत्रों को भौतिक और डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए अद्वितीय चुनौतियों की ओर इशारा किया।

फेलिक्स ने कहा, ‘‘पड़ोसी देशों के साथ शांति और स्थिरता बनाए रखते हुए हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे
और आर्थिक विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों और हस्तक्षेप की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति और सीमित बुनियादी ढांचे के साथ कम आबादी वाले सीमावर्ती क्षेत्रों
ने सीमावर्ती क्षेत्रों को भौतिक और डिजिटल रूप से जोड़ने की एक अनूठी चुनौती पेश की है।

अरुणाचल प्रदेश चीन के साथ 1,080 किलोमीटर, म्यांमार के साथ 440 किलोमीटर और भूटान के साथ 160
किलोमीटर की सीमा साझा करता है। मंत्री ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय द्वारा लागू किया गया सीमा क्षेत्र विकास

कार्यक्रम बुनियादी ढांचे के विकास और यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में
बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।’’’

2022-23 के वित्तीय वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में घोषित सरकारी योजना वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) का
उल्लेख करते हुए, फेलिक्स ने कहा कि यह सीमावर्ती गांवों के लिए उपयोगी होगा

, जहां कम आबादी, सीमित
सम्पर्क और बुनियादी ढांचे होता है जिन्हें अक्सर विकास का फल नहीं मिल पाता।

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