हरियाणा में नहीं होने दी जाएगी बिजली की किल्लत:रणजीत सिंह -कृषि क्षेत्र को रात में दी जा रही है 7 घंटे बिजली

चंडीगढ़, 12 अप्रैल हरियाणा के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में
कोयले का भंडार है तथा कोयले की कमी के चलते किसी भी थर्मल प्लांट में उत्पादन बाधित नहीं होगा।

पिछले वर्ष
गर्मी के मौसम में अधिकतम मांग 12120 मेगावाट प्रतिदिन थी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण व
दिल्ली से उद्योगों के बाहर शिफ्ट होने के कारण बिजली की मांग 1000 से 1500 मेगावाट प्रतिदिन तक बढ़ी है।

मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बिजली मंत्री ने कहा कि तकनीकी कारणों के चलते खेदड़ थर्मल
प्लांट की एक इकाई बंद की गई थी

और उसे ठंडा होने में 72 घंटे लग जाते हैं। इसका रूटर बदला जाना है,
लॉकडाउन के चलते चीन से बुलाए गये इंजीनियर नहीं पहुंच पाए थे।

परंतु अब इसकी मरम्मत का कार्य चल रहा
है। उन्होंने बताया कि पानीपत में 250-250 मेगावाट की तीन इकाइयां,

खेदड़ में 600-600 मेगावाट की दो
इकाइयां तथा यमुनानगर में 300-300 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इसके अलावा, अदानी पावर से 1400
मेगावाट बिजली ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में प्रदेश में बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी। यहां तक कि सरकार द्वारा 12
रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है ।

उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि गर्मी के दौरान तकनीकी
कारणों से जब कोई खराबी आ जाती है तो उसे ठीक करने में कुछ समय तो लगता ही है।

कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के बारे पूछे जाने पर बिजली मंत्री ने कहा कि हरियाणा और पंजाब में गेहूं की फसल
एक साथ पक गई है और दिन में गेहूं की कटाई जारों पर है,

इसलिए कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली आपूर्ति में कट
लगाया जाता है ताकि चिंगारी से कहीं गेहूं की फसल में आग न लग जाए। रात में लगातार 7 घण्टे कृषि क्षेत्र को
बिजली आपूर्ति की जा रही है।

बिजली मंत्री ने कहा कि हरियाणा पंजाब से हर क्षेत्र में आगे है। हरियाणा ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल व ऑटोमोबाइल के
क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है।

नीति आयोग ने भी इसकी प्रशंसा की है और हरियाणा को बड़े राज्यों की श्रेणी
में सेकेंड रैंकिंग दी है।

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