
ब्रिक्स ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया को एक नई, बहुध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की जरूरत है। इसकी शुरुआत वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधारों से करनी होगी। सुधार केवल प्रतीकात्मक नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव दिखना चाहिए।यह भी पढ़ें:काली मिर्च से घटा सकते हैं वजन
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को 17वें ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक शासन से संबंधित सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, वैश्विक दक्षिण अक्सर दोहरे मानदंडों का शिकार रहा है। चाहे विकास की बात हो, संसाधनों के वितरण की या सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की, उसके हितों को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई। जलवायु, वित्त, सतत विकास व प्रौद्योगिकी पहुंच जैसे मुद्दों पर वैश्विक दक्षिण को अक्सर सिर्फ संकेत भर ही मिलते हैं। 20वीं सदी में गठित वैश्विक संस्थाओं में मानवता के दो तिहाई हिस्से को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले देशों को निर्णय लेने वाली मेज पर जगह नहीं दी गई है। यह केवल प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि विश्वसनीयता व प्रभावशीलता का भी सवाल है। वैश्विक दक्षिण के बिना ये संस्थाएं सिम कार्ड वाले मोवाइल फोन जैसी हैं, जिनमें नेटवर्कनहीं है। पीएम ने कहा, एआई के युग में, जहां हर हफ्ते तकनीक अपडेट होती है, वैश्विक संस्थानों का 80 वर्ष में एक बार भी अपडेट न होना स्वीकार्य नहीं है। 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर 20वीं सदी के टाइपराइटर से नहीं चल सकता। ब्रिक्स का विस्तार सबूत है कि यह संगठन समय के हिसाब से खुद को बदल सकता है। अब हमें सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन व बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसी संस्थाओं में सुधार के लिए भी यही इच्छाशक्ति दिखानी होगी।>>>Visit: Samadhanvani
घोषणापत्र में भारत के रुख का समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर ब्रिक्स को ऐसा संगठन बताया जो दुनिया की भलाई व आर्थिक सहयोग के लिए आज भी शक्तिशाली स्तंभ है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की ओर से शिखर सम्मेलन स्थल पर स्वागत किए जाने के बाद पीएम मोदी ने कहा, रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी के लिए राष्ट्रपति लूला का आभारी हूं। ब्रिक्स आर्थिक सहयोग और वैश्विक भलाई के लिए शक्तिशाली ताकत बना हुआ है।राष्ट्रपति लूला से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे प्रधानमंत्री ब्रिक्स में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति लूला से द्विपक्षीय वार्ता के लिए प्रधानमंत्री ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया जाएंगे। यहां दोनों देशों के बीच शांति व सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग, जलवायु कार्रवाई, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक क्षेत्र में समझौते होने की उम्मीद है
ब्रिक्स समूह ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने और इस खतरे का मुकाबला करने में दोहरे मापदंड त्यागने के भारत के रुख का समर्थन किया। रियो डी जेनेरियो घोषणापत्र में ब्रिक्स नेताओं ने कहा, हम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। आतंकवाद से निपटने में देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं। देशों की, आतंकवाद का मुकाबला करने में वैश्विक प्रयासों का समर्थन करना चाहिए और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। ब्रिक्स ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने का संकल्प लिया और संयुक्त राष्ट्र की ओर से नामित सभी आतंकियों और उनके संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया।



