
उड़ान के 26 सेकंड बाद पायलटों ने मेडे-मेडे की चेतावनी दी

एक सेकंड के अंदर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान दुर्घटना दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति ठप हो जाने के कारण हुई। इसके चलते विमान उड़ान भरने के बाद कभी अपनी पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया। उसने 180 नॉट की अधिकतम हवाई गति हासिल की ही थी कि उसके तुरंत बाद, इंजन 1 और इंजन 2 के ईंधन कटऑफ स्विच एक सेकंड के अंतराल पर रन से कटऑफ स्थिति में चले गए। हालांकि, मलबे की जांच में ये स्विच रन स्थिति में पाए गए हैं। यह दर्शाता है कि दोनों पायलटों ने आखिरी समय तक दुर्घटना टालने की पूरी कोशिश की।एएआईबी ने हवाईअड्डे के सीसीटीवी फुटेज, दुर्घटना में चमत्कारिक ढंग से बचने वाले इकलौते यात्री से पूछताछ और मलबे की जांच के आधार पर तैयार रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों को लेकर अंतिम नतीजे के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि इस रिपोर्ट में लंदन जाने वाले ड्रीमलाइनर विमान के अंतिम क्षणों की विस्तृत समय-सारिणी शामिल है। साथ ही महत्वपूर्ण तस्वीरें भी हैं, जो विमान के प्रभाव के निशान, मलबे और प्रमुख पुर्जों को नुकसान को दर्शाती हैं। जांच पूरी नहीं हुई है और अब आगे की जांच इस पर केंद्रित हो गई है कि दोनों इंजनों को एक साथ ईंधन की आपूर्ति कैसे बंद हो गई। कम ऊंचाई पर था उड़ान, पहले पेड़ के ऊपरी हिस्से से टकराया तस्वीरों में स्पष्ट रूप है कि उड़ान के बाद विमान नीचे उतरते गया और रनवे से मात्र 1.6 किमी दूर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरने से पहले पेड़ों और सेना के मेडिकल कोर के फ्लाइट रिकॉर्डर परिसर में लगी एक चिमनी से टकराया।
दाहिने पंख के हिस्से दो बिल्डिंग पर मिले>>>Visit: Samadhanvani

ईंधन आपूर्ति बंद होने से दोनों इंजन के फैन रोटेशन गति (एन1 और एन2) गिर गईं, इससे रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) सक्रिय हो गया।आरएटी एक छोटा उपकरण होता है, जो विमान के मुख्य सिस्टम के खराब होने पर आपातकालीन बिजली उपलब्ध कराता है और विमान को ऊपर ले जाने की कोशिश करता है उड़ान भरने के 26 सेकंड बाद पायलटों ने मेडे मेडे मेडे चेतावनी जारी की। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट पूछ रहा था कि इंजन क्यों बंद हैं। दूसरे ने जवाब दिया, उसने नहीं किया। यानी उड़ान भरते वक्त सबकुछ ठीक था। जांच के दौरान विमान के पहली बार पेड़ों के टकराने के स्थान से दुर्घटना स्थल के बीच की दूरी 293 फीट थी। यानी पायलटों के पास बहुत कम समय था दाहिना इंजनरिपोर्ट में विमान के दाहिने हिस्से के अलग होने की तस्वीर कैद की गई है। एक बिल्डिंग की छत पार कर, दाहिना इंजन कंक्रीट के पानी के टैंक से टकराया व विमान से अलग हो गया। फिर टैंक के नीचे, इमारत की दीवार के पास रुक गया। दाहिने पंख के अंदरूनी हिस्सों का मलबा आसपास की दो बिल्डिंगों के पास बिखरा पाया गया। वहीं, बायां इंजन एक अन्य बिल्डिंग के निचले हिस्से से टकराया।
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