
वोटर कार्ड और चॉकलेट से पहचाने गए हमलावर :शाह

पहलगाम हमला करने वाले तीनों पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। उन्होंने कहा-‘ये (विपक्ष) कह रहे थे कि बैसरन के गुनहगार पाकिस्तान भागं गए। गृह मंत्री क्या करता है। हमारी तो सेना ने ठोक दिया, CRPF ने ठोक दिया। अब न तो मेरा जवाब देना बनता है न इनका मांगना बनता है।’ शाह ने कहा कि इन तीनों आतंकियों के पाकिस्तानी होने के पुख्ता सबूत भी हमारे पास हैं। तीनों में से दो के पाकिस्तान के वोटर आईडी नंबर भी हमारे पास हैं। ये राइफलें भी हमारे पास हैं। उनके पास से जो चॉकलेट मिली, जो चॉकलेट ढोक में से मिली वह भी पाकिस्तान की बनाई हुई हैं शाह ने कहा कि सोमवार को ऑपरेशन महादेव में सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिबरान ये तीन आतंकी सुरक्षाबलों ने मार गिराए। सुलेमान A-कैटिगरी का लश्कर-ए-तैबा का कमांडर था और पहलगाम हमले के साथ ही गगनगीर आतंकी हमले में शामिल था। अफगान और जिबरान भी लश्कर का ए-कैटिगरी का आतंकी था। शाह ने कहा कि जिन्होंने भी बैसरन घाटी में हमारे नागरिकों को मारा था, ये तीनों आतंकी थे और तीनों मारे गए।>>>Visit: Samadhanvani
ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालो के जवाब दिए

शाह ने कहा कि जिस दिन पहलगाम में हमला हुई उसी दिन रात को सुरक्षा मीटिंग की गई थी। एक बजे हमला हुआ और मैं शाम साढ़े पांच बजे श्रीनगर में उतर चुका था। सभी सुरक्षा बलों के साथ मीटिंग हुई और उसमें फैसला किया गया कि जो हत्यारे हैं वो देश छोड़कर पाकिस्तान भाग न पाएं और इसकी पुख्ता व्यवस्था की। 22 मई को आईबी के पास एक ह्यूमन इंटेलिजेंस आई और डाचीगांव एरिया में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। आईबी और सेना ने मिलकर सिग्नल कैप्चर किए। मई से 22 जुलाई तक अल्ट्रा इस जानकारी को पुख्ता करने के लगातार कोशिश की गई।ये (विपक्ष) कह रहे थे कि बैसरन के गुनहगार पाकिस्तान भाग गए। गृह मंत्री क्या करता है। हमारी तो सेना ने ठोक दिया, CRPF ने ठोक दिया। अब न तो मेरा जवाब देना बनता है न इनका मांगना बनता है।



