
काशी से पीएम का ट्रंप को जवाब

भारत की अर्थव्यवस्था को मृत बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अस्थिरता के दौर में दुनिया की अर्थव्यवस्था आशंकाओं से गुजर रही है। सभी देश अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं। भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। इसलिए उसे भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना होगा। उन्होंने स्वदेशी को देश का भविष्य बताते हुए कहा, हमें स्वदेशी का संकल्प लेना होगा। पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को शनिवार को 2,200 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। कोई राजनीतिक दल हो, नेता हो, उसे संकोच छोड़ देशवासियों में स्वदेशी के संकल्प का भाव जगाना होगा। हम उन्हीं वस्तुओं को खरीदें, जिन्हें बनाने में किसी न किसी भारतीय का पसीना बहा हो। प्राथमिकता : किसानों, लघु उद्यमियों और युवाओं का हित सबसे ऊपर वोकल फॉर लोकल : घर में जो नया सामान आए, वह स्वदेशी होपीएम मोदी ने कहा, हमें वोकल फॉर लोकल मंत्र को अपनाना होगा। हम संकल्प लें कि घर में भी नया सामान आएगा, वह स्वदेशी ही होगा। यह जिम्मेदारी हर देशवासी को लेनी होगी। बासपारियों से उन्होंने स्वदेशी माल ही बेचने का अनुरोध किया। कहा, यह संकल्प भी देश की सच्ची सेवा है। जब दुनिया अस्थिरता के माहौल से गुजर रही है, तब हम भी चाहे व्यापार हो, छोटी दुकान हो, कारोबार करते हों, हम सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी माल ही बेचेंगे।>>>Visit: Samadhanvani
भारत पर वार करने वाला पाताल में भी नहीं बचेगा

कल्याण का भाव रखने वाले महादेव आतंक व अन्याय देखते हैं, तो शत्रुओं के विरुद्ध रुद्र रूप धारण करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत का यही रूप देखा है। भारत पर जो वार करेगा, वो पाताल में भी नहीं बचेगा।ट्रंप के फैसलों से डगमगाई अमेरिकी अर्थव्यवस्था, आंकड़ों ने खोली पोल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए भले ही मृत अर्थव्यवस्था शब्द का इस्तेमाल किया हो लेकिन सच्चाई यह है कि उनके ही देश में वह आर्थिक हालात नहीं संभाल पा रहे हैं। अमेरिका में आर्थिक स्वर्ण युग के तमाम वादों के बावजूद इस सप्ताह कमजोर संकेतकों की बाढ़ से वित्तीय आंकड़े उनके आर्थिक प्रशासन की पोल खोलते दिख रहे हैं। इनके मुताबिक देश में रोजगार के मौके कम हो रहे हैं, मुद्रास्फीति बढ़ रही है और पिछले साल की तुलना में विकास दर भी धीमी हुई है।ट्रंप ने अब तक अपने छह माह से कुछ ज्यादा कार्यकाल के दौरान शुल्क (टैरिफ) बढ़ाया, नए कर एवं व्यय विधेयक से अमेरिकी व्यापार, विनिर्माण, ऊर्जा व कर प्रणालियों को नया रूप दिया। लेकिन वित्तीय हालात बिगड़ते जा रहे हैं। वह किसी भी अच्छी खबर का श्रेय लेने के लिए उत्सुक रहते हैं और अगर वित्तीय स्थिति बिगड़ती है वित्तीय आंकड़ों में रोजगार के मौके घटे, मुद्रास्फीति बढ़ रही, विकास दर भी धीमी हुईबेरोजगारी का आंकड़ा बताने वाले अफसर को ट्रंप ने किया बर्खास्त



