
राहुल गांधी ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस

धांधली का दावाकर विपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में अनियमितताओं के दावों का ‘एटम बम’ फोड़ते हुए बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट की एक विधानसभा में एक लाख से अधिक फर्जी वोटरों के जरिये धांधली किए जाने का दावा किया। मतदाता सूची से जुटाए अपने आंकड़ों को आधार बनाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चुनावी धांधली के लिए सीधे-सीधे चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि भाजपा से साठगांठ कर आयोग इस बड़ी आपराधिक धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा है। मतदाता सूची में पांच तरीके के फर्जीवाड़े का दावा करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस माडल के सहारे पूरे देश में चुनावों की चोरी की जा रही है अंपायर की भूमिका निभाने के बजाय चुनाव आयोग सत्ताधारी दल की टीम में शामिल होकर चुनावी धोखाधड़ी करा रहा है राहुल गांधी ने गुरुवार को कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मतदाता सूची का विश्लेषण कर जुटाए सुबूतों के साथ चुनाव आयोग पर अपना ‘एटम बम’ फोड़ा।>>>Visit: Samadhanvani
राहुल गांधी ने कहा कि पांच तरीके से यहां वोट चोरी हुए

चुनाव आयोग यह इसलिए नहीं दे रहा कि हमने महादेवपुरा में जो किया, वही बाकी लोकसभा सीटों पर करेंगे और फिर देश के चुनावी लोकतंत्र की सच्चाई सामने आ जाएगी। छह महीने तक 40 लोगों की टीम लगाकर कांग्रेस ने एक विधानसभा सीट से जो तथ्य जुटाए हैं, वह ‘आपराधिक सुबूत’ है। चुनाव आयोग देशभर में ऐसे सुबूतों को नष्ट करने में लगा है।वोटर लिस्ट में फर्जी नाम, पते, तस्वीरों, दोहरे नामों जैसी कई विसंगतियों का प्रमाण देते हुए । इसमें 11,965 डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी-अमान्य पते वाले 40,009 वोटर, एक ही पते पर पंजीकृत 10,452 मतदाता थे। 4,132 मतदाता ऐसे निकले जिनकी
: फोटो नहीं थी या बहुत छोटी थी, जिसकी पहचान सोचा नहीं थी। 33,692 नए मतदाताओं को फार्म-6 का दुरुपयोग कर जोड़ा गया था। इसमें 57 से लेकर 98 साल तक के लोग थे और इसमें कोई भी 18-23 साल का पहली बार बना वोटर नहीं था। कई वोटरों के पिता या पति के नाम की जगह अंग्रेजी के कुछ अक्षरों को ही डाल दिया गया था।
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