
बिहार मे नौ दिन बाद भी मसौदा सूची पर किसी दल की आपत्ति नहीं

चुनाव आयोग ने निर्वाचन आयोग ने शनिवार को एक बार फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सख्ती से कहा कि या तो वह नियमों के अनुसार शपथपत्र दें या मतदाता सूचियों से जुड़े अपने झूठे आरोपों के लिए देश से माफी मांगें। आयोग की ओर से यह चेतावनी राहुल गांधी की शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई। राहुल ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों की योजना election आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई थी सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य election अधिकारियों की ओर से जारी शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने को भी कहा है। अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें बेतुके आरोपों के लिए माफी मांगने को भी कहा है election आयोग ने कहा, अगर राहुल गांधी अपने विश्लेषण पर विश्वास करते हैं। वह मानते हैं >>>Visit: Samadhanvani
शपथपत्र पर हस्ताक्षर 7,252 लोगों ने सीधे किया दावा

7,252 व्यक्तियों ने मतदाता सूची मसौदे में नाम शामिल करने या हटाने के लिए आयोग से संपर्क किया है। यह मसौदा सूची election आयोग की ओर से बिहार की मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का हिस्सा है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस प्रक्रिया के कारण कई पात्र नागरिक दस्तावेजों के अभाव में अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। election आयोग ने कहा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहेगा। बता दें कि मसौदा सूची एक सितंबर तक दावों और आपत्तियों के लिए उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत पार्टियां और व्यक्ति छूटे हुए पात्र नागरिकों को शामिल करने और अयोग्य लोगों को बाहर करने की मांग कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।



