
बिना सूचना व सुनवाई के बिहार में मतदाता सूची से नहीं हटेगा कोई नाम : चुनाव आयोग

सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा दाखिल कर बताया कि बिहार में मसौदा मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना के नहीं हटाया जाएगा। आयोग ने हलफनामे में कहा है कि हर किसी को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। कोई भी तर्कसंगत आदेश जारी किए बिना कोई नाम नहीं हटाया जाएगा आयोग ने यह भी कहा कि वैधानिक व्यवस्था के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए लोगों की कोई अलग सूची तैयार करना या उनके साथ ऐसी कोई सूची साझा करना आवश्यक नहीं है। किसी भी कारण से किसी व्यक्ति को मसौदा सूची में शामिल नहीं करने के कारणों को प्रकाशित करना भी जरूरी नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ता की तरफ से अधिकार के तौर पर ऐसी कोई सूची नहीं मांगी जा सकती है। आयोग ने बिहार में बहुप्रतीक्षित मसौदा मतदाता सूची जारी करने के नौ दिन बाद शनिवार को शीर्ष कोर्ट में यह अतिरिक्त हलफनामा दायर किया>>>Visit: Samadhanvani
एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में संबंधित व्यक्तियों में से अधिकतर की या तो मौत हो चुकी है, या फिर वे पलायन कर चुके हैं। निर्वाचन आयोग ने याचिकाकर्ता के आवेदन पर भी जवाब दाखिल किया। इस आवेदन में उसे लगभग 65 लाख उन मतदाताओं के नामों और विवरण की पूर्ण एवं अंतिम विधानसभा क्षेत्र और भाग/बूथवार सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया था, पात्र मतदाता न छूटने देने की बात फिर दोहराई… जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ बिहार में चुनाव आयोग की तरफ से एसआईआर के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है अतिरिक्त हलफनामे में निर्वाचन आयोग ने कहा कि एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है। मसौदा मतदाता सूची एक अगस्त को विधिवत प्रकाशित कर दी गई आयोग ने शीर्ष कोर्ट से कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता किसी भी हाल में मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।



