
रोजमर्रा की ज्यादातर वस्तुओं पर 5% की दर से कर लगेगा

केंद्र सरकार ने 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म करके पांच और 18 फीसदी कर दर का प्रस्ताव जीएसटी परिषद से जुड़े मंत्रियों के समूह के सामने रखा है। इससे खाने-पीने और दैनिक जीवन से जुड़ी अधिकांश चीजें पांच फीसदी के दायरे में आ जाएंगी इसके साथ ही, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू जैसी पांच से सात वस्तुओं पर सबसे अधिक 40 फीसदी जीएसटी लगाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार ने आम आदमी की जेब पर करों का बोझ कम करने और कारोबारियों के लिए फर्म पंजीकरण से लेकर रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जीएसटी में सुधारों का खाका भी तैयार किया है मौजूदा 12% जीएसटी के दायरे में आने वाली 99% वस्तुओं को पांच फीसदी के स्लैब में ले जाने का प्रस्ताव है। जबकि 28% के स्लैब में शामिल वस्तुओं में से 90% चीजें 18% कर के दायरे में आ जाएंगी।>>>Visit: Samadhanvani
समग्र मुद्दों को देखकर रखा गया प्रस्ताव

मौजूदा जीएसटी व्यवस्था में लंबित मामलों की संख्या काफी ज्यादा है। एक ही तरह के कई उत्पादों पर अलग-अलग श्रेणी में कर लगता है। जैसे खुले पॉपकॉर्न 5 फीसदी, ब्रांडिंग और चटपटे स्वाद वाले पर 12 फीसदी और रेडी-टू-ईट पॉपकॉर्न पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। इससे कर संग्रह काफी उलझाऊ हो जाता है। ऐसे ही पंजीकरण और रिफंड में देरी भी बड़ा है।
आम आदमी को मिलेगी राहत
सरकार का लक्ष्य है कि सुधार प्रक्रिया जल्द पूरी हो, जिससे आम आदमी को दिवाली से पहले महंगाई से राहत मिल सके। मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। अगर किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनती है तो दूसरी बैठक भी सितंबर में ही बुलाई जाएगी।पेट्रोलियम उत्पाद बाहर ही रहेंगे हालांकि अभी पेट्रोलियम उत्पाद जीएसटी व्यवस्था से बाहर रहेंगे। उन्हें जीएसटी में शामिल किए जाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया है कि रेफ्रिजरेटर, एसी, वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों को 40 फीसदी के स्लैब में शामिल किए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।



