
जम्मू-कश्मीर: वैष्णो देवी मार्ग पर 34 हुई मृतक संख्या

जम्मू-कश्मीर में दो दिन में रिकॉर्ड बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। श्रीमाता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर बुधवार को 34 हो गई। नदियों में उफान के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सेना समेत सभी एजेंसियां बचाव में जुटी हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों से अब तक 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। पंजाब में भी रावी नदी उफान पर है और पठानकोट समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। दो दिन में रिकॉर्ड बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। श्रीमाता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर बुधवार को 34 हो गई। नदियों में उफान के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सेना समेत सभी एजेंसियां बचाव में जुटी हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों से अब तक 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। पंजाब में भी रावी नदी उफान पर है और पठानकोट समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।>>>Visit: Samadhanvani
बारिश में कमी के बाद राहत व बचाव कार्यों में तेजी

जम्मू व कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि 64 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में हालात का जायजा लेने के बाद कहा, बारिश में कमी के बाद राहत व बचाव कार्यों में तेजी आई है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को ऑप्टिकल फाइबर के क्षतिग्रस्त होने के 24 घंटे बाद, बुधवार को सभी नेटवर्क पर फोन और नेटवर्क सेवाएं बहाल कर दी गईं। खराब मौसम के कारण दिल्ली से लेह की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। वैष्णो देवी मार्ग पर बचावकर्मियों ने बुधवार को मलबे से और शव निकाले। हादसे में घायल 20 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मंगलवार दोपहर तीन बजे अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन के बाद मलबे से 32 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि दो घायलों की अस्पताल में मौत हुई। हादसे के बाद माता की यात्रा दूसरे दिन भी स्थगित रही तवी नदी में उफान के चलते जम्मू में कई निचले इलाकों में पानी घुस गया। बाढ़ के साथ आए मलबे में दबे वाहन।



