
टैरिफ वॉर और चीन में एससीओ सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान

भारत-रूस को चीन के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। यह बात ऐसे समय में की है, जब अमेरिकी टैरिफ को लेकर भारत और अमेरिका के संबंध पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। ट्रंप ने ‘टूथ सोशल’ पर लिखा कि लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो ! यह बयान चीन में एससीओ सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गर्मजोशी से हुई बातचीत ने दुनिया का ध्यान खींचा। बता दें कि भारत पर ट्रंप ने 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है।जल्द ही पुतिन से बात करूंगा : ट्रंप ने प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक सवाल पर कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बात करेंगे। व्हाइट हाउस में गुरुवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रात्रिभोज में मार्क जुकरबर्ग, बिल गेट्स, सुंदर विचाई और टिम कुक समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।>>>Visit: Samadhanvani
ट्रंप ने दिग्गजों से पूछा, कितना निवेश करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी जगत के की जानकारी ली। दिग्गजों के एक समूह के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। इस दौरान उनकी कंपनियों द्वारा देश में किए जा रहे निवेश ट्रंप ने एक साथ बैठे इन दिग्गजों को बेहद बुद्धिमान करार दिया। उन्होंने मेज के चारों ओर घूमकर इन अधिकारियों से पूछा कि वे देश में कितना निवेश कर रहे हैं। मेटा के सह संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ट्रंप के दाहिनी ओर बैठे थे। जुकरबर्ग नें कहा कि वह करीब 600 अरब डॉलर निवेश कर रहे हैं। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने भी 600 अरब डॉलर निवेश की बात कही। वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 250 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान व्यक्त किया। इन लोगों से मुखातिब होने के बाद ट्रंप ने प्रश्न किया माइक्रोसॉफ्ट का क्या? इस पर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा निवेश 80 अरब डॉलर प्रति वर्ष के करीब है। ट्रंप ने यह राशि सुन कर कहा काफी अच्छा है। मेहमानों की इस सूची में ट्रंप के करीबी रहे एलन मस्क शामिल नहीं थे।



