
संसद परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी, काठमांडो में कर्फ्यू सेना तैनात

नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से 20 लोगों की मौत हो गई एवं 347 घायल हो गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुई। काठमांडो में प्रदर्शनकारी संसद भवन परिसर में घुस गए और तोड़फोड़ की। विरोध प्रदर्शन पोखरा, बुटवल, भैरहवा, भरतपुर, इटाहारी और दमक तक फैल गया। हालात काबू में करने के लिए काठमांडो समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाने के साथ सेना को तैनात करना पड़ा। बेकाबू हिंसा के बाद नेपाली गृह मंत्री रमेश लेखक को इस्तीफा दे दिया। लेकिन, देर रात नेपाल सरकार झुकी और सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटा दिया। इससे पहले, राजधानी काठमांडो में हजारों युवाओं का जेन-जी के बैनर तले सोमवार को माइतीघर में जमावड़ा आहूत था। इसी दौरान, युवा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए संसद भवन पहुंचकर परिसर में घुस गए।>>>Visit: Samadhanvani
भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट

प्रदर्शनकार नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े, फिर रबर को गोलियां दागीं। स्थिति बेकाबू होने पर कई चक्र गोलियां चलाईं। 40 से अधिक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार भी किए गए। Nepal पुलिस के प्रवक्ता बिनोद घिमिरे ने बताया कि काठमांडो में 18 युवा मारे गए तथा सुनसरी में दो युवाओं की मौत हो गई। काठमांडो के सिविल अस्पताल में 100, एवरेस्ट अस्पताल में 102 और ट्रॉमा सेंटर में 59 घायल भर्ती हैं। दस घायल गंभीर हैं।
नई दिल्ली। भारत ने Nepal सीमा पर अलर्ट जारी किया है। सशस्त्र सीमा बल ने सतर्कता बढ़ा दी और भारतीय क्षेत्र में अशांति फैलने से रोकने के लिए बारीकी से नजर रखी जा रही है। सीमा चौकियों पर आने-जाने वालों की सघन चेकिंग हो रही है। भारत-Nepal के बीच 1,751 किमी लंबी सीमा है काठमांडो में विरोध प्रदर्शन के दौरान हजारों की संख्या में जुटे नौजवानों में से कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए और नारेबाजी की।



