
बड़े शहरों में मुश्किल हुआ घर का सपना उच्च कीमतों ने बढ़ाई खरीदारों की चिंता

प्रॉपर्टी की कीमतों में कुछ वर्षों में जबरदस्त तेजी आई है। इसके कारण बड़े शहरों में घर खरीदना मुश्किल हो गया है। एनारॉक के मुताबिक, 81 फीसदी खरीदारों के लिए घरों की बढ़ती कीमत चिंता की बात है, जिनमें से 47 फीसदी लोग इसे लेकर काफी परेशान हैं। सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 21 फीसदी खरीदार ही घर खरीद सकेंगे, जबकि 71 फीसदी को देरी का सामना करना पड़ रहा है। देरी की मुख्य वजहों में घरों का किफायती नहीं रह जाना और बजट के अंदर कम विकल्प उपलब्ध होना शामिल है।जनवरी से जून के बीच ऑनलाइन सर्वे में 8,250 लोग शामिल हुए। शीर्ष-7 शहरों में घरों की औसत कीमतों में दो वर्षों में 50 फीसदी वृद्धि। 2023 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून के दौरान इन शहरों में घरों की औसत कीमत 6,001 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2025 की समान तिमाही में 8,990 रुपये वर्ग फुट पहुंच गई। किफायती आवास से मोहभंग होने की वजहें किफायती घर खरीदने की चाह रखने वाले 62 फीसदी लोग उपलब्ध विकल्पों से खुश नहीं हैं। असंतुष्ट खरीदारों में 92 फीसदी प्रोजेक्ट की लोकेशन से खुश नहीं हैं। 90 फीसदी कहते हैं सस्ती परियोजनाओं की निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन खराब है। 77 फीसदी को सस्ते घरों का साइज छोटा लगता है। किफायती आवास में 45 लाख रुपये तक के मकान आते हैं।।>>>Visit: Samadhanvani
अब महंगे और बड़े मकान बन रहे पसंद

36 फीसदी से अधिक संभावित खरीदारों ने 90 लाख से 1.5 करोड़ तक के घर को पहली पसंद बताया है। यह प्रीमियम और लग्जरी प्रॉपर्टी की ओर झुकाव को दिखाता है। सिर्फ 25 फीसदी ने 45 से 90 लाख के घरों को पसंद बताया। 45 फीसदी से ज्यादा ने 3बीएचके व 40 फीसदी ने 2 बीएचके घरों को पहली पसंद बताया। नों को मिलेगा केज, विभागों रही बातचीत प्रभावित निर्यातकों की मदद के लिए जम कर रही है। निर्यात पर पड़ने वाले लिए कई विभागों से बात हो रही है। श्रमण ने कहा, संबंधित विभागों या मंत्रालयों के साथ इस प्रभाव को साझा किया जा रहा है। तीन वजहों से उम्मीदों पर फिर रहा पानी 71% खरीदारों को देरी का करना पड़ता है सामना। असंतुष्ट खरीदारों में से 92 फीसदी लोग परियोजना की लोकेशन से खुश नहीं। 90 फीसदी मानते हैं कि किफायती घरों के निर्माण की गुणवत्ता व डिजाइन खराब। दाम बढ़ने से एमएमआर के खरीदार कम बेचैन एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, मकान खरीदने वाले अपने-अपने शहरों में बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र अपवाद के रूप में उभरा है। सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजार में प्रॉपर्टी खरीदने की चाहत रखने वालों में से 39 फीसदी ने बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई है



