
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने कहा, भारत शानदार सहयोगी, रिश्ते गहरे करेंगे

ट्रंप व मोदी के बीच मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत ही सकारात्मक संबंध हैं और दोनों नेताओं की जल्द मुलाकात भी होगी। अधिकारी ने रेखांकित किया कि अगली क्वाड शिखर बैठक इस वर्ष के अंत या अगले वर्ष कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। भारत इस बार क्वाड शिखर बैठक में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं की मेजबानी करेगा।पिछली क्वाड शिखर बैठक 2024 में अमेरिका के विलमिंगटन, डेलावेयर में हुई थी। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, जहां तक आगामी बैठक की बात है, मैं राष्ट्रपति की ओर से कोई भी घोषणा पहले से नहीं करना चाहता, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि आप दोनों नेताओं की मुलाकात होते हुए देखेंगे। वह बोले, हम क्वाड शिखर बैठक की योजना पर काम कर रहे हैं। यह इस वर्ष नहीं तो अगले साल की शुरुआत में होगी। तारीख (तय करने) पर काम चल रहा है।>>>Visit: Samadhanvani
भारत के रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर तनाव का जिक्र करते हुए कहा,

रूस के साथ तेल खरीदी पर जारी विवाद को लेकर जब पूछा गया कि अमेरिका चीन पर भारत जैसा दबाव क्यों नहीं बना रहा। इस पर अधिकारी ने कहा, ट्रंप प्रशासन बीजिंग के साथ अपने तरीके से निबट रहा है और वहां भी इसी प्रकार के संदेश सुने जा सकते हैं। उन्होंने अमेरिकी संसद में पेश एक बिल का जिक्र किया, जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% शुल्क का प्रस्ताव है। इस हिसाब से भारत पर 25% का शुल्क इतना बुरा प्रतीत नहीं होता। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भारत की सराहना करते हुए उसे अमेरिका का शानदार सहयोगी करार दिया और कहा कि वह भारत के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और गहराने की जरूरत पर जोर दिया। उनका यह बयान एक दिन पूर्व भारत के वाणिज्य-उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा भारत-अमेरिका ऊर्जा व्यापार को विस्तार देने की अपील के बाद आया।न्यूयॉर्क में एक ऊर्जा सुरक्षा कार्यक्रम में गोयल ने परमाणु ऊर्जा को सस्ती स्वच्छ ऊर्जा विकल्प के रूप में सहयोग बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया था। राइट ने भारत के रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर तनाव का जिक्र करते हुए कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को खत्म करने के लिए अपने प्रभाव और साधनों का उपयोग कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा, अमेरिका भारत के साथ एलपीजी, कोयला, परमाणु ऊर्जा, स्वच्छ खाद्य तेल आदि में सहयोग बढ़ाना चाहता है।



