
विदेशी पूंजी निकासी और वीजा शुल्क से जुड़ी चिंताओं का असर

बाजारों में गिरावट का सिलसिला लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी, अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क से जुड़ी चिंताओं और रुपये में गिरावट ने Market की धारणा को नुकसान पहुंचाया। सेंसेक्स 555.95 अंक का गोता लगाकर 81,159.68 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय 622.74 अंक टूटकर 81,092.89 के स्तर तक आ गया था। निफ्टी 166.05 अंकों की गिरावट के साथ 24,890.85 के स्तर पर बंद हुआ।>>>Visit: Samadhanvani
बीएसई के 2,793 शेयरों में गिरावट रही और 1,392 बढ़त में रहे

बाजार में गिरावट से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 3.21 लाख करोड़ घटकर 457.35 लाख करोड़ रुपये रहे गई। सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर गिरावट में बंद हुए। ट्रेंट सर्वाधिक नुकसान में रहा। बीईएल समेत सिर्फ पांच शेयरों में 2.05 फीसदी तक बढ़त रही।उधर, लगातार पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट में सेंसेक्स 1,854…हुआ है। 2,425 करोड़ रुपये की हुई बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशकों ने घरेलू बाजार में 2,425.7 शुद्ध रूप से करोड़ रुपये की बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,211.6 करोड़ के शेयर खरीदे। बीएसई स्मालकैपे सूचकांक में 0.75 फीसदी और मिडकैप में 0.72 फीसदी की गिरावट आई।



