
ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से दिया ज्ञापन- गंगेश्वर दत्त शर्मा

कारखाना अधिनियम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 में मजदूर विरोधी संशोधन कर प्रदेश में काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 घंटे करने और महिला कामगारों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति प्रदान की है इसके विरोध में जनपद गौतम बुध नगर में कार्यरत विभिन्न श्रम संगठनों/ ट्रेड यूनियन महासंघों के कार्यकर्ताओं ने उप श्रम आयुक्त गौतम बुध नगर कार्यालय सेक्टर- 3, नोएडा के माध्यम से माननीया राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री भारत सरकार व प्रदेश के राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित किया ज्ञापन देकर कारखाना अधिनियम 1948 में मजदूर विरोधी किए गए संशोधन को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग किया। साथ ही ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने उक्त संशोधन रद्द नहीं किए तो जनपद सहित पूरे प्रदेश में ट्रेड यूनियनें बड़ा आंदोलन करने को विवश होगी। इसके साथ ही ज्ञापन में महंगाई के अनुसार न्यूनतम मासिक वेतन 26000 हजार रुपया घोषित करने व पेंशन ₹10000 लागू करवाने, स्थाई कार्य में ठेकेदारी बंद कर ठेके में लगे श्रमिकों को स्थाई करने व पथ विक्रेता अधिनियम को सही तरीके से लागू करवाने और असंगठित क्षेत्र के सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने सहित कई मांगे उठाई गई है। ज्ञापन सहायक श्रमायुक्त श्री एसपी सिंह ने लिया।>>>Visit: Samadhanvani
कारखाना अधिनियम घटना में मारे गए लोगों को 2 मिनट का मौन

कारखाना अधिनियम में ज्ञापन देने वालों में इंटक नेता डॉक्टर के.पी. ओझा, एक्टू नेता अमर सिंह व प्रेम सिंह, टीयूसीआई नेता उदय चंद्र व रामसेवक सिंह, यूपीएलएफ नेता रामनरेश यादव, ललित शर्मा जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान, गुड़िया देवी, पिंकी, सीटू नेता राम स्वारथ, मुकेश कुमार राघव, सुनील कुमार पंडित, गंगेश्वर दत्त शर्मा, पूनम देवी, रामसागर, इशरत देवी, अरुण कुमार, भीखू प्रसाद, पारस गुप्ता सहित कई श्रम संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।कार्यक्रम का समापन दिल्ली लाल किले पर हुए बम ब्लास्ट की निंदा करते हुए मृतक परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घटना में मारे गए लोगों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दिए जाने के साथ हुआ।



