
तूफान प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ के 80 से अधिक जवान युद्धस्तर पर राहत और बचाव

श्रीलंका में आपातकाल लागू भारत ने अब तक 27 विकराल लागजी चक्रवाती तूफान दित्वाह ने Sri Lanka में भारी तबाही मचाई है। भारी बारिश, बाड़ और भूस्खलन से 153 लोगों की मौत हुई है, 191 से अधिक लोग लापता हैं और पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। श्रीलंका सरकार ने जहां आपदा से निपटने के लिए आपातकाल की घोषणा की है, वहीं, भारत ने पड़ोसी पहले नीति पर चलते हुए मुश्किल की घड़ी में श्रीलंका में मोर्चा संभाल लिया है। भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू कर Sri Lanka को अब तक 27 टन राहत सामग्री भेजी है। वायुसेना के सी-130 और आईएल-76 परिवहन विमानों को मदद में लगाया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 80 से अधिक जवान चार खोजी स्वान के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। श्रीलंका में शनिवार को राष्ट्रपति अरुणा कुमारा दिसानायके ने तबाही को देखते हुए पूरे देश में आपातकाल । की घोषणा की। इससे राहत समन्वय और बचाव कार्यों की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। Sri Lanka के मौसम विभाग ने बताया कि दित्वाह भले ही निकल गया है, पर इसके प्रभाव से 200 मिमी से अधिक बारिश होने और तेज हवाएं चलने की आशंका है>>>Visit: Samadhanvani
भारत ने कहा-श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़े

ऑपरेशन सागर बंधु तड़के करीब 1:30 बजे कोलंबो उत्तरे और तुरंत ही भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में अब तक 27 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। शुक्रवार रात हिंडन एयर बेस से भेजे गए एनडीआरएफ जवान बचाव कार्य में जुट गए। टीम का नेतृत्व 8वीं बटालियन के कमांडेंट पीके तिवारी कर रहे हैं। वायुसेना ने कहा कि कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। भारत ने जो राहत सामग्रियां भेजी हैं उनमें टेंट, कंबल, गद्दे, गरिमा किट, जरूरी दवाइयां और राशन है।स्थानीय नागरिकों को बचाने में जुटे भारतीय जवान व भारतीयों से बात करते भारतीय कार्यवाहक उच्चायुक्त सत्यंजल पांडे।



