
अध्यात्म से जुड़कर ही मानवता युक्त समाज का निर्माण संभव

टंकी रोड आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी पद्महस्ता भारती ने भक्तों को भगवान कृष्ण के मथुरा गमन प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब संशयग्रस्त अक्रूर श्रीकृष्ण और बलराम को रथ पर बैठाकर मथुरा की ओर बढ़ रहे थे। तब मार्ग में वे नदी में स्नान करने के लिए रुके। उन्होंने नदी में स्नान करते हुए प्रभु की दिव्यता का दर्शन किया और मन के सभी संशयों से मुक्ति को प्राप्त किया। लोग यह समझते हैं कि उनको नदी में ही श्रीकृष्ण व बलराम जी का दर्शन हो गया। परंतु ऐसा नहीं है। भागवत महापुराण समाधि की उत्कृष्टतम अवस्था में लिखा गया ग्रंथ है टंकी रोड फिर एक साधारण मानव इनमें छिपे गूढ़ अर्थ को अपनी साधारण सी बुद्धि से कैसे समझ सकता है। वास्तविकता में अक्रूर जी ने ध्यान की नदी में उतरकर प्रभु का दर्शन किया था। स्वामी आदित्यानंद, साध्वी श्वेता भारती, वसुधा भारती, योगेंद्र गुप्ता लिली, रघुनंदन रस्तोगी, मनोज गुप्ता, सुखबीर त्यागी, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।>>>Visit: Samadhanvani
भक्तों को सुनाया मथुरा गमन का प्रसंग

वैष्णवधाम गोल मंदिर में कथाव्यास आचार्य अनूप वशिष्ठ कान्हा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को कलश यात्रा निकाली गई। टंकी रोड लोगों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। कलश यात्रा के दौरान भगवान विष्णु का गुणगान करते हुए इसमें परीक्षित सुजान सिंह और द्रोपदी रहे। इस कार्यक्रम में लव उपाध्याय, मनोज, राजेश चौधरी प्रवीन, ऋषि चौहान, रमन ठाकुर, दिव्यांश राजपूत, सूर्या ठाकुर, साहिल गुप्ता, कृष्णा राजपूत, रोशन उपाध्याय, आयुष चंद्रवंशी, सुमित बघेल, रोहित बघेल, आदर्श सूर्यवंशी, प्रियांशु रावत, लक्की ठाकुर, अमन यादव, शिवा, अंकित तिवारी ने सहयोग दिया।



