
खांसी-बुखार के लिए तुलसी के पत्तों का रस

तुलसी अपने गुणों के कारण आयुर्वेदिक चिकित्सा में अहम स्थान रखती है। सुबह खाली पेट basil के रस का सेवन करने से कई लाभ मिलते हैं। इसमें विटामिन सी होता है, जो इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। इससे शरीर कई संक्रमणों और बीमारियों से बचता है। basil के सूजन-रोधी गुण सर्दी, जुकाम और बुखार की गंभीरता को कम करने में सहायक होते हैं। basil में मौजूद आवश्यक तेलों को वजह से ये गैस्ट्रिक जूस के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर बनता है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। इससे पेट फूलना, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है। basil में मौजूद एडाप्टोजेनिक गुण तनाव और चिंता को कम करते हैं। इसमें एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा की उम्र बढ़ाने में योगदान देने वाले मुक्त कणों से लड़ते हैं।>>>Visit: Samadhanvani
basil की तासीर गरम होती है

इसलिए गर्भवती महिलाओं और दुग्धपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए। साथ ही अधिक सेवन से भी बचना चाहिए।तुलसी के पत्तों का रस मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने और वसा घटाने में मदद करता है। मुट्ठीभर basil के पत्तों को पीसकर उसका रस एक गिलास पानी में मिलाकर पीएं। आप इसके कड़वेपन को कम करने के लिए शहद भी मिला सकते हैं।



