
मुंबई हादसे में शिवसेना के पूर्व नेता के बेटे मिहिर शाह को नहीं मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन मामले में शिवसेना के पूर्व नेता के बेटे मिहिर शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ऐसे लड़कों को सबक सिखाने की जरूरत है। अदालत ने गौर किया कि आरोपी संपन्न परिवार से है और उसके पिता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिदि के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से जुड़े हुए हैं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने आरोपी के आचरण पर नाराजगी जप्ताई। पीठ ने कहा. वह देररात तक मर्सिडीज में घर आता है, उसको शेड में पार्क करता है और फिर बीएमडब्ल्यू लेकर निकलता है, जिसे दुर्घटनाग्रस्त कर देता है। उसे आरोपी मिहिर शाह दुर्घटना के बाद बांद्रा-वली सी लिंक की ओर तेजी से भाग निकला, जबकि इस दौरान कावेरी कार के बोनट पर अटकी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने महिला को कार से डेढ़चे गिरने पर भी कार आरोपी ने महिला के किमी तक घसीटा नहीं रोकी। उसे करीब डेढ़ किलोमीटर पहियों के नीचे घसीटा। मिहिर का इवर राजऋषि बिदावत भी हादसे के समय कार में मौजूद था। पुलिस ने उसे दुर्घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। दोनों अभियुक्त अभी न्यायिक हिरासत में हैं।>>>Visit: Samadhanvani
अभी कुछ और दिनों तक जेल में ही रखा जाना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट मिहिर शाह के वकील रेखेका जॉन ने कहा कि मामले में प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद हाईकोर्ट ने उनके मुवक्किल को जमानत याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। हालांकि, अदालत के मिजाज को भांपते हुए उन्होंने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। मिहिर शाह (24) को 9 जुलाई, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उसने इसके दो दिन पहले मुंबई के वली इलाके में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से एक स्कूटर को टक्कर मारी थी, जिसमें कावेरी नखवा (45) नामक महिला की मौत हो गई थी, जबकि उसके पति प्रदीप नखवा घायल हो गए थे



