
Bangladesh की अंतरिम सरकार कराए समावेशी चुनाव

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा रहा है। कुछ ही घंटे में वहां अपदस्थ पीएम शेख हसीना की पार्टी ‘आवामी लीग’ को चुनाव में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किया गया और फिर ढाका के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीएनपी की पूर्व प्रमुख खालिदा जिया के बेटे और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान का जबरदस्त स्वागत किया गया। रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को ढाका लौटे और आगामी चुनाव में बीएनपी की बागडोर संभालेंगे।जानकार मान रहे हैं कि आवामी लीग को प्रतिबंधित करने के बाद आगामी चुनाव तकरीबन वैसे ही माहौल में होने जा रहा है जैसे पिछले तीन चुनाव हुए थे, यानी प्रमुख विपक्षी दल को चुनाव में उतरने ही नहीं दिया था। बीएनपी ने 2014 में चुनाव बहिष्कार किया था, जबकि 2024 में आवामी लीग पर प्रतिबंध बाद यूनुस सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया।.>>>Visit: Samadhanvani
भारत वहां के हर राजनीतिक दल के साथ संपर्क बनाए हुए है

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से तारिक रहमान को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि, “हम इस घटनाक्रम को बांग्लादेश में आगामी चुनाव के समावेशी होने से जोड़ कर देख रहे हैं।” उन्होंने कहा भारत वहां की राजनीतिक गतिविधि पर करीबी नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कूटनीति में किसी भी विकल्प के लिए दरवाजे बंद नहीं होते। बीएनपी के साथ भारत ने पूर्व में भी काम किया है। यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ कई मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद Bangladesh में दोहरा रहा इतिहासः Bangladesh में इतिहास खुद को दोहरा रहा है। हसीना के 15 साल के शासन में बीएनपी की गतिविधियों को दबाया गया और अब वैसे ही आवामी लीग को हाशिए पर धकेला जा रहा है।



