
Bank का सकल एनपीए कई दशक के न्यूनतम

बैंक समूहों में आरबीआई की रिपोर्ट मजबूत बहीखाते, लाभप्रदता और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता से मिला समर्थन वाणिज्यिक बैंकों का प्रदर्शन वित्त वर्ष 2024-25 में मजबूत बना रहा और मार्च के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (जीएनपीए) का अनुपात घटकर 2.2 फीसदी पर आ गया। यह कई दशकों का न्यूनतम स्तर है। आरबीआई ने सोमवार को जारी रिपोर्ट ‘भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति 2024-25’ में कहा, 2024-25 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र अच्छा बना रहा। इसे मजबूत बहीखाते, लगातार लाभप्रदता और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता का समर्थन मिला। bank ऋण और जमा वृद्धि दहाई अंकों में बनी रही। हालांकि, इसमें कुछ नरमी देखी गई। सभी bank समूहों में पूंजी और नकदी बफर नियामकीय आवश्यकताओं से काफी ऊपर बने रहे। रिपोर्ट में कहा गया, बैंकिंग क्षेत्र के मजबूत बुनियाद जोखिमों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, जो विवेकपूर्ण विनियमन के साथ मिलकर लगातार ऋण प्रवाह के लिए अनुकूल हालात बनाते हैं>>>Visit: Samadhanvani
शुद्ध लाभ 14.8 फीसदी बढ़ा… पिछले साल की तुलना में कम

आरबीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2024-25 में वाणिज्यिक Bank का शुद्ध लाभबढ़ा। हालांकि, इसकी गति पिछले वर्ष की तुलना में धीमी रही। सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का कुल शुद्ध लाभ 2024-25 में सालाना आधार पर 14.8 फीसदी बढ़कर 4.01 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वित्त वर्ष 2 Bank 023-24 में इनका लाभ 32.8 फीसदी बढ़कर लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये रहा था। लाभप्रदता भी मजबूत स्थिति में रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में अनुसूचित वाणिज्यिक Bank की लाभप्रदता मजबूत जबूत बनी रही। इसमें परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) 1.4 फीसदी और इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) 13.5 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में इन Bank का आरओए 1.3 फीसदी और आरओई 12.5 फीसदी रहा।



