
एक तरफ आतंकवाद फैलाकर दूसरी तरफ

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को दो टूक संदेश दिया है कि आतंकवाद और पानी साथ-साथ नहीं चल सकते। जयशंकर ने नाम लिए बिना कहा कि पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं। दुर्भाग्य से हमारे .हैं। अगर कोई देश यह तय करता है कि वह जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा, तो अपने लोगों की रक्षा के लिए जो जरूरी होगा, भारत वह करेगा। आईआईटी मद्रास में छात्रों के साथ संवाद में जयशंकर ने स्पष्ट किया कि कोई पड़ोसी देश
भारत से जल बंटवारे या सहयोग की उम्मीद नहीं कर सकता। हमारे अधिकांश पड़ोसी मानते हैं कि भारत की प्रगति से उनका भी विकास होगा। पर जब आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पड़ोसी देशों की बात आती है, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह हरसंभव कदम उठाएगा। जयशंकर ने कहा, कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अगर कोई पड़ोसी देश अपनी जमीन से आतंकवाद फैलाना जारी रखता है, तो वह नई दिल्ली से पानी साझा करने की मांग नहीं कर सकता>>>Visit: Samadhanvani
कूटनीति रॉकेट साइंस नहीं, सामान्य व्यवहार की बात

विदेश मंत्री ने कहा- जयशंकर ने कहा, लोग कूटनीति को रॉकट साइंस की तरह पेश करते हैं, पर यह सामान्य व्यवहार की बात है। दो दिन पहले मैं बांग्लादेश में था। वहां पूर्व पीएम बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने गया था। हमें कई तरह के पड़ोसी मिले हैं। अगर कोई पड़ोसी आपके लिए अच्छा है, या कम से कम नुकसानदायक नहीं है, तो इसमें परेशानी नहीं है। जहां अच्छे पड़ोसी होने की भावना होती है, भारत निवेश, सहायता व संसाधनों को साझा करता है।जयशंकर ने कहा-देश ने घरेलू विकास और विदेशी गतिविधियों में शामिल होकर प्रगति की है। जब हम वसुधैव कुटुंबकम कहते हैं, तो अर्थ यह है कि हमने कभी भी दुनिया को शत्रुतापूर्ण या प्रतिकूल स्थान नहीं माना है, जिससे हमें रक्षात्मक रूप से खुद को बचाना पड़े।



