
दिल्ली कैबिनेट की बैठक में ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ को मिली मंजूरी

खादी और हैंडलूम के कुटीर उद्योगों और असंगठित क्षेत्र से जुड़े हजारों कारीगरों के लिए दिल्ली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ को अपनी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना से दिल्ली के हजारों कारीगरों की जिंदगी बदलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के कारीगर हमारी सांस्कृतिक विरासत की असली ताकत है। यह योजना यह सुनिश्चित करेगी कि वे आधुनिक कौशल और डिजिटल बाजार तक पहुंच सकें। सीएम ने कहा, हाल ही में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के दौरान पीएम ने कौशल विकास को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार बताया था केंद्रीय बजट में भी वित्त मंत्री ने कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने, ब्रैडिंग, प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया है। NB यह योजना को दिल्ली खादी और ग्रामोद्योगNOT बोर्ड (डीकेवीआईबी) के जरिए से लागू किया जाएगा।>>>Visit: Samadhanvan
सीएम ने तिमारपुर में SC/ST बस्तियों की सुधार योजना के तहत कई विकास कामों का उद्घाटन

योजना की शुरुआत ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत लगभग 18,000 दर्जियों से की जाएगी और आगे चलकर अन्य पारंपरिक व्यवसायों तक इसे विस्तारित किया जाएगा। इसमें दर्जी, एम्ब्रॉयडर, ड्रेस मेकर, कुम्हार, बढ़ई, मोची, टोकरी और चटाई निर्माता, इत्र निर्माता, बांस उत्पाद निर्माता, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, मछली जाल निर्माता, कालीन बुनकर सहित अनेक पारंपरिक व्यवसाय शामिल होंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ ले सकेगा। जो लोग सरकारी नौकरी में है या उनके परिवार के सदस्य है, वे पात्र नहीं होंगे। नामांकन के समय आधार आधारित पहचान और सत्यापन जरूरी होगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना ‘विकसित भारत’ के विजन को जमीन पर उतारती है। हम कौशल को सीधे रोजगार और आय से जोड़ रहे हैं, ताकि हर कारीगर को उसका हक और सम्मान मिल सके।



