
टाटा कंज्यूमर और हिंदुस्तान यूनिलीवर समेत कई कंपनियों ने बढ़ाए दाम

जीएसटी दरों में कटौती पिछले साल सितंबर में लागू होने के बाद आम लोगों को बड़ी राहत मिली थी, जब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और तेल जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो गई थीं। हालांकि, अब वह राहत खत्म हो रही है, क्योंकि एफएमसीजी कंपनियां इनपुट लागत में बढ़ोतरी के चलते अब उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी कर रही है। एफएमसीजी कंपनियों का कहना है कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद कुछ महीनों तक रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें स्थिर रखी गईं या घटाई गईं। उसके बाद डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट और वैश्विक बाजार में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के चलते इनपुट लागत के मोर्चे पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका कुछ भार अब ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है। वितरकों ने बताया, डिटर्जेंट एवं हेयर ऑयल से लेकर चॉकलेट, नूडल्स और अनाज समेत रोजमर्रा की अन्य वस्तुओं के चुनिंदा >>>Visit: Samadhanvan
डाबर ने दो फीसदी तक बढ़ाए दाम

डाबर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने बताया, कंपनी चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कीमतों में दो फीसदी वृद्धि कर रही है। बढ़ी हुई कीमतें अगले साल भी लागू रहेंगी। हमें मुनाफाखोरी-रोधी उपायों के कारण मूल्य वृद्धि को स्थगित करना पड़ा। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक सुनील डीसूजा ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के कंपनी के नतीजों की घोषणा के दौरान कहा था, दिसंबर तिमाही के अंत में चाय की कीमतों में मामूली वृद्धि हुई थी। लेकिन, जनवरी से अप्रैल तक के आंकड़े शुरुआती कीमतों को निर्धारित करेंगे। हमने इस तिमाही में अधिकांश बढ़ोतरी ग्राहकों पर लागू कर दी है।



