
आईजी स्तर पर 50% पद आईपीएस से भरने का प्रस्ताव

Amit Shah सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य सीएपीएफ अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति को विनियमित करना है। इसमें आईजी स्तर पर 50 फीसदी पद आईपीएस से भरने का प्रस्ताव है। विधेयक में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) स्तर के कम से कम 67 फीसदी पद आईपीएस से भरे जाने का भी प्रस्ताव है। Amit Shah वहीं विशेष महानिदेशक (एसडीजी) और महानिदेशक (डीजी) के सभी पद सिर्फ प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे। फिलहाल सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे बल अपने-अपने अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं। सरकार का मानना है कि एक समान कानून के अभाव में नियम बिखरे हुए हैं, जिससे सेवा संबंधी विवाद और प्रशासनिक कठिनाइयां बढ़ रही हैं। >>>Visit: Samadhanvan
सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर

Amit Shah बिल के उद्देश्यों के अनुसार, यह कानून सीएफीएफ में ग्रुप ‘ए’ सामान्य ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और सेवा शर्तों को एकसमान ढंग से विनियमित करेगा। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के अपने फैसले में सीएफीएफ में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कम करने और कैडर रिव्यू करने का निर्देश दिया था। केंद्र की पुनर्विचार याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सेवानिवृत्त सीएपीएफ अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट का किया है रुख सेवानिवृत्त सीएपीएफ अधिकारियों के एक समूह ने हाल ही में गृह सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि सीएपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है।



