
नेपाल छह तंज-अखंड भारत का अंग न बन जाए

Pakistan में किस हद तक नकदी संकट है इसका उदाहरण सीनेटर मुशाहिद हुसैन की खीझ बताती है। हुसैन ने यूएई द्वारा बुरे वक्त में की गई मदद के बाद पैसा लौटाने को कहा तो उसे ही नसीहत देकर मजाक बनाया गया। सीनेटर ने यहां तक कहा कि कहीं भारत के साथ बढ़ते यूएई के संबंध उसकी संप्रभुता को खतरे में न डाल दें। उनके बयान का सबसे विवादित हिस्सा यूएई आबादी और भारत से रिश्तों पर भाईचारे वाली सलाह रहा। पाकिस्तानी सीनेटर ने यूएई को अपना अरबों डॉलर का कर्ज चुकाने के Pakistan के कदम का विवादास्पद बचाव करते हुए तंज किया और इसे वित्तीय दायित्व नहीं, बल्कि यूएई के लिए भाईचारे का बचाव बताया। कहा, वर्तमान में यूई एक फंसा हुआ असहाय देश है। दुनिया न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में हुसैन ने कहा, यूएई की जनसंख्या व भारत के साथ उसके बढ़ते संबंधों पर मेरी भाईचारे वाली सलाह है। >>>Visit: Samadhanvan
मुस्लिम देश होते हुए यूएई के भारत से अच्छे रिश्ते

सीनेटर की ये टिप्पणियां Pakistan-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) संबंधों के लिए एक नाजुक समय पर आई हैं, क्योंकि खाड़ी देश ने अधिक लेनदेन वाली विदेश नीति अपना ली है और ऋण की वापसी की मांग कर रहा है। पाकिस्तान महीने के अंत से पहले यूएई द्वारा दिए 3.5 अरब डॉलर का ऋण लौटाने की तैयारी में है। हुसैन इस बात से भी खीजे हुए हैं कि एक मुस्लिम देश होते हुए यूएई के भारत से अच्छे रिश्ते हैं। कर्ज वापस मांगने पर तंज… यूएई असहाय हो गया है अपना कर्ज वापस मांगने से खीजे हुसैन ने यूएई पर तंज करते हुए कहा, संकट के इस दौर में यूएई का समर्थन पाकिस्तान का नैतिक दायित्व है। हुसैन ने तंज किया, हम जरूरतमंद भाई की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। पाकिस्तान ने सही फैसला लिया है। हमारे यूएई भाई जरूरतमंद और असहाय हैं। हमने उनसे कर्ज लिया है और अब उसे चुका रहे हैं।



