
राज्य के 2.50 करोड़ मतदाता तय करेंगे 722 उम्मीदवारों की किस्मत

Assam में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान हो रहा है, जहां सत्ता की लड़ाई अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एक ओर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में है, तो दूसरी और गौरव गोगोई की अगुवाई में कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है। राज्य की ज्यादातर सीटों पर सीधा मुकाबला एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच है, ऐसे में आज का मतदान यह तय करेगा कि असम में भाजपा का दबदबा बरकरार रहेगा या फिर सियासी समीकरण बदलेंगे। मतदान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किस पार्टी ने कितने उम्मीदवार उत्तारे उम्मीदवारों के लिहाज से कांग्रेस सबसे आगे है, जिसने 99 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया है।>>>Visit: Samadhanvan
झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर मैदान

एआईयूडीएफ 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनडीए के सहयोगी दल एजीपी 26 और बीपीएफ 11 सीटों पर किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा विपक्षी दलों में राइजर दर्ल 13, Assam जातीय परिषद 10, सीपीएम 3, एपीएचएलसी आम आदमी पार्टी 18, यूपीपीएल 18, तृणमूल कांग्रेस 22 और झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर मैदान में है। Assam वहीं 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं। दो सीटों पर सबसे ज्यादा 15 और 9 सीटों पर सबसे कम दो-दो उम्मीदवार : अलगापुर-कटलीचेरा और करीमगंज साउथ सीटों पर सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं रंगिया, जागीरोड (एससी), होजाई, नौदुआर, जोनाई (एसटी), डूमडूमा, महमारा, टियोक और लखीपुर जैसी नौ सीटों पर सिर्फ दो-दो उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं।



