
भारतीय उत्पादों को मिलेगा शुल्क मुक्त प्रवेश

Business दोगुना कर पांच अरब डॉलर करने का लक्ष्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पिछले साल 22 दिसंबर को बातचीत पूरी होने की घोषणा के चार महीने से ज्यादा समय बाद भारत और न्यूजीलैंड सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का मकसद पांच साल में दोनों देशों के बीच होने वाले Business को दोगुना कर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड पहुंचने वाले करीब 70 फीसदी भारतीय उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे भारतीय सामान न्यूजीलैंड के बाजार में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के Business एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में भारत मंडपम में इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। गोयल ने कहा, कई वर्षों की लंबी चर्चाओं और उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस समझौते पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई बातचीत ने इस समझौते को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। इस सौदे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम हो जाएंगी। टैरिफ में ढील के अलावा इस समझौते के तहत बेहतर नियामकीय सहयोग के जरिये गैर-टैरिफ रुकावटों को दूर करने, कस्टम, सैनिटरी और फाइटो सैनिटरी उपायों और व्यापार में तकनीकी बाधाओं से जुड़े नियमों को आसान बनाने के प्रावधान भी शामिल हैं।>>>Visit: Samadhanvan
आगरा में न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले और वाणिज्य मंत्री गोयल

किसानों और घरेलू उद्योग के हितों का पूरा ध्यान भारत ने किसानों और घरेलू उद्योग (एमएसएमई) की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए डेयरी क्षेत्र को इस समझौते से बाहर रखा है। दूध, क्रीम, चीज और अन्य डेयरी उत्पादों पर न्यूजीलैंड को कोई रियायत नहीं दी गई है। प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, पशु, वनस्पति या सूक्ष्मजीव वसा एवं तेल, हथियार,गोला-बारूद, रत्न-आभूषण, तांबा एवं उससे बने उत्पाद और एल्यूमीनियम एवं उससे बने सामान जैसी कई संवेदनशील वस्तुओं को भी इस सौदे से बाहर रखा गया है। किसानों को उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा न्यूजीलैंड इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड कीवी फल, सेब और शहद पर एक विशेष कृषि-तकनीक कार्ययोजना तैयार करेगा। इसका उद्देश्य भारतीय किसानों को अपनी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करना है।Business इस सहयोग में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, बेहतर रोपण सामग्री,उत्पादकों के लिए क्षमता निर्माण, बाग प्रबंधन, कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, आपूर्ति श्रृंखला के प्रदर्शन और खाद्य सुरक्षा के लिए तकनीकी सहायता शामिल है।समझौते में, भौगोलिक संकेत यानी जीआई उत्पादों को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड ने अपने कानून में बदलाव कर भारतीय शराब और स्पिरिट्स के पंजीकरण को आसान बनाने का भरोसा दिया है।



