
अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति का भारत प्रमुख आधार

PM मोदी से मुलाकात में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक नहीं बनाने देंगे दोनों देशों के बीच व्यापारिक व रक्षा सहयोग गहरा करने पर भी सहमति मोदी को ट्रंप ने दिया न्योता व्यावसायिक पेशेवरों को मिलेगी वीजा में प्राथमिकता भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाने और मजबूत करने के लिए अमेरिका पूरी कोशिश में जुटा है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति का मुख्य आधार भारत है। भारत अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। PM मोदी और रूबियो की शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देश व्यापार, रक्षा सहयोग को गहरा करने और उभरती प्रौद्योगिकियों पर आपसी सहयोग तेज करने पर सहमत हुए। बैठक में पश्चिम एशिया का मुद्दा भी उठा। रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक नहीं बनाने देगा।>>>Visit: Samadhanvan
अमेरिकी दूतावास में एक कार्यक्रम में रूबियो ने भारत को अमेरिका का अविश्वसनीय रूप

अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद भारत की ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, पीएम मोदी ने शांति प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और संवाद व कूटनीति संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। भागीदार बताया। संकेत दिया कि संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों देश कुछ अहम घोषणाओं की योजना बना रहे हैं। रूबियो की यात्रा को भारत से संबंधों का संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर. देखा जा रहा है।
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