विश्वविद्यालयों में आपत्तिजनक नारों को लेकर माहौल गरमाया

जेएनयू में पहले दीवारों पर फ्री कश्मीर, नक्सलबाड़ी जिंदाबाद, उमर खालिद को रिहा करो जैसे आपत्तिजनक नारे लिखे गए। इसके विरोध में जेएनयू परिसर में ही अखंड भारत, नेवर फ्री उमर खालिद और स्टॉप लव जेहाद जैसे नारे लिख दिए गए। साथ ही कुछ विभागों के नोटिस बोर्ड पर छात्र संगठन आइसा के पदाधिकारियों के फोटो सहित पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं, जिनमें गंभीर आरोप लगाए हैं। यहीं नहीं, छात्राओं से यौन प्रताड़ना के आरोपी प्रोफेसर की फोटो भी स्लोगन के साथ लगाई गई है। इसे लेकर दक्षिणंपथी और वामपंथी विचारधारा के समर्थकों के बीच मौहाल गरम है। इन नारों को किसने लिखा, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, जामिया में भी रविवार शाम सुरक्षाकर्मी की वर्दी में घुसे युवकने ‘फ्री कश्मीर’ के नारे लगाए। उसे पुलिस को सौंपा दिया गया। कुछ दिन पहले भी यहां फ्री कश्मीर सहित कई आपत्तिजनक नारे दीवारों पर लिखे गए थे।
विश्वविद्यालय की दीवारों पर पहले ‘फ्री उमर खालिद

एबीवीपी ने जेएनयू में उमर खालिद को रिहा करने, फ्री कश्मीर आदि नारों पर आपत्ति जताई है। एबीवीपी ने वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़ेकार्यकर्ताओं पर परिसर की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि जेएनयू में ऐसी घटनाओं से शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है। हालांकि, इसके विरोध में नारे लिखने से एबीवीपी नेइनकार किया है। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों ने इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। इस पूरे मामले में जेएनयू के एक अधिकारी ने कहा कि इन नारों को किसने लिखा है, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। प्रतापगढ़ी पर एफआईआरर में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश को लेकर जारी छात्र आंदोलन के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, राज्यसभा – खिलाफ जामिया नगर थाने में एफआईआर अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
