मधुमक्खी जिंदगी में 1 चम्मच शहद बनाती है,नेपाेलियन को मधुमक्खियों ने जिताया

मधुमक्खी और रानी मधुमक्खी के बीच दूर कहीं आसमानों में संबंध

मधुमक्खी जिंदगी में 1 चम्मच शहद बनाती है,नेपाेलियन को मधुमक्खियों ने जिताया

मधुमक्खी शहद बनाने की प्रक्रिया में क्यों मरती है तो इसके लिए आपको उसकी प्रेम कहानी नेपोलियन जब कड़कड़ाती ठंड में आल्पस की पहाड़ियों पर चढ़ रहा था, तब उसके सैनिकों की हालत बदतर हो रही थी। ऐसे में शहद बनाने वाली शहद ने उसका साथ दिया। इन मधुमक्खियों ने यूरोप जीतने के दौरान नेपोलियन के दुश्मनों को इतना काटा कि वो मैदान छोड़ भाग खड़े हुए शहद स्निफर्स डॉग का रोल निभाती हैं, पैरा मिलिट्री फोर्सेज के लिए रास्ता क्लियर करती हैं।

जंगलों में बिछे विस्फोटकों और लैंडमाइंस का पता लगाने में मदद करती हैं।  दो ऐसे किस्से जो जंग जीतने से जुड़े थे। अब आपको ले चलते हैं उनकी शहद बनाने की प्रेम कहानी की ओर, इसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे। एक चम्मच शहद जो आपकी डायनिंग टेबल तक पहुंचता है, उसे बनाने में मादा मधुमक्खी की पूरी जिंदगी खप जाती है और नर शहद को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

मधुमक्खी के एक छत्ते में 5-10 हजार के आसपास मादा, 50-100 नर यानी (ड्रोन) और एक रानी शहद रहती है। छत्ते में शहद की आबादी बढ़ाने का काम रानी मधुमक्खी के जिम्मे होता है। मतलब प्रजनन का काम केवल रानी मधुमक्खी ही करती है। छत्ते की बाकी सभी शहद ‘श्रमिक मधुमक्खियां’ कहलाती हैं।मधुमक्खी और रानी मधुमक्खी के बीच दूर कहीं आसमानों में ये संबंध बन रहे होते हैं

मधुमक्खियों का पूरा जत्था रानी मधुमक्खी के साथ उसकी सुरक्षा के लिए होता है। ये ‘मेटिंग’ इतनी आसान नहीं होती। दुश्मन मधुमक्खियां रानी शहद पर हमला न कर दें इसलिए ये जत्था साथ जाता है। संबंध बनाने का ये काम कुछ सेकेंड्स का होता है मधुमक्खी जब संबंध बनाते हैं तो नर मधुमक्खी के शरीर का प्रजनन अंग रानी  के शरीर में ही रह जाता है।

मधुमक्खी का शहद इकट्ठा करने के दो तरीके

मधुमक्खी जिंदगी में 1 चम्मच शहद बनाती है,नेपाेलियन को मधुमक्खियों ने जिताया

नर का पेट फट जाता है और वह तड़पते हुए जमीन पर आ गिरता है। नर मधुमक्खी संबंध बनाने के तुरंत बाद मर जाता है।छत्ते में बैठी श्रमिक और रानी  मिलकर तय करती हैं कि रानी शहद को 99 फीसदी मादा और सिर्फ एक प्रतिशत नर मधुमक्खियों को ही जन्म देना है। रानी शहद एक बार में 500-2000 अंडे देती है।    रेल रिजर्वेशन काउंटर नहीं होंगे बंद;टिकट खरीदने वाले अफवाहों से बचें

शहद बनाने का काम सिर्फ मादा मधुमक्खियां करती हैं। रानी और नर मधुमक्खी का काम सिर्फ प्रजनन (Reproduction) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का होता है।राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड’ के आंकड़े बताते हैं, देश में हर साल लगभग 3 करोड़ किलो मिलावटी शहद बनाया जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि कौन सा शहद असली है?

असली शहद जमता नहीं है, चाहे फ्रिज में कितनी ही देर के लिए रख लें। शहद में जरा भी चीनी होगी तो जम जाएगा। क्रिस्टल वाला शहद असली होता है। पानी में डालते ही शहद घुल जाए तो वह नकली शहद होता है। पानी में बैठ जाने वाला शहद सही है।

गांव- देहात में असली और नकली शहद की जांच के लिए कई नुस्खे प्रचलित हैं। कई का मानना है कि अगर शहद को आंख में लगाया जाए और पानी न आए तो शहद असली है वरना नकली। वैसे शहद की जांच का सही तरीका है- न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस टेस्ट। इस टेस्ट से शहद की शुद्धता का पता चलता है।

शहद के निर्यात के लिए इस टेस्ट को कराना जरूरी होता है।मधुमक्खियों को नुकसान न हो। शहद इकट्ठा करने के दो तरीके हैं। पहला, बीकीपर्स का और दूसरा बी हंटर्स का। पहले बीकीपर्स का तरीका जान लेते हैं-‘एक बड़े बॉक्स में 8 से 10 लंबे बॉक्स होते हैं। इनमें वैक्स की एक शीट लगाई जाती है, बिल्कुल वैसे जैसे मधुमक्खियां अपने छ्त्ते के लिए लगाती हैं।

इस बॉक्स में बहुत सी मधु भरी जाती हैं, फिर शहद बनता है। इस प्रक्रिया में मधु को नुकसान नहीं पहुंचता क्योंकि इन बॉक्स में से वॉशिंग मशीन की तरह घूमती एक मशीन से शहद निकाला जाता है।  को वैक्स बनाने की मेहनत नहीं करनी पड़ती और वो केवल शहद बनाती हैं।      Delhi Police Driver Recruitment 2022 | दिल्ली पुलिस ड्राइवर 1400 पदों पर भर्ती